पानी की भीषण किल्लत से जूझ रहे इचौली व नायकपुरवा के लोगों का संघर्ष रंग
लाया। वहीं ग्रामीणों के साथ अमर उजाला ने पूरा सहयोग कर लगातार खबरें
प्रकाशित कर उनकी आवाज बुलंद की। रविवार को गांव में अधिकारी पाइप लाइनों
की खेप लेकर पहुंचे। टूटी पाइप लाइनों को ठीक करने के साथ नई लाइनों बिछाने
का काम शुरू करा दिया गया। इसके साथ ही गांव में चल रहा अनशन समाप्त हो
गया। लोगों ने एक दूसरे को लड्डू खिलाकर खुशी का इजहार किया।
पेयजल के
लिए इचौली और नायकपुरवा के लोगों ने 16 मई से क्रमिक अनशन शुरू किया। जो 21
मई से आमरण अनशन में बदल गया। आमरण अनशन शुरू होते ही जलसंस्थान और जलनिगम
के अधिकारियों ने गांव की पेयजल समस्या निदान के लिए पहल शुरू की।
खासकर
मंडलायुक्त व जिलाधिकारी की विशेष पहल पर उपजिलाधिकारी, क्षेत्राधिकारी,
जलनिगम के मंडलीय प्रबंधक, अधिशाषी अभियंता व हमीरपुर के अधिशाषी अभियंता
सहित जलसंस्थान के अन्य अधिकारी पहुंचे और ग्रामीणों को समझाने-बुझाने के
साथ अनशनकारियों से बात की। शनिवार को आमरण अनशन पर बैठे सौरभ मिश्रा की
हालत बिगड़ गई।
उसका तुरंत कस्बे के सरकारी अस्पताल में लाकर इलाज शुरू
किया गया और ब्लाक प्रमुख शिवकुमार पांडेय सहित अन्य ग्रामीणों ने उसे अनशन
समाप्त करने को कहा। रविवार को इस अनशन में सौरभ मिश्रा सहित कमल साहू,
बच्चू दादा, रज्जन पांडेय, पप्पी सिंह, अमित गुप्ता, मातादीन सहित अन्य
ग्रामीण मौजूद रहे।
वहीं सुबह से ही जलसंस्थान के अवर अभियंता की मौजूदगी
में टूटी हुई पाइप लाइनों को जोड़ने का काम शुरू कर दिया गया। ग्रामीणों की
मांग के मुताबिक गांव में पाइप लाइन विस्तार के लिए पाइपों की एक खेप वहां
पहुंची। तो ग्रामीणों को लगा कि उनकी मांग मान ली गई।
इसी के साथ
ग्रामीणों ने एक दूसरे को लड्डू खिलाकर अनशन को समाप्त करने की घोषणा कर
दी। इस अवसर पर अनशनकारियों ने अमर उजाला के प्रयासों की जमकर सराहना कर
कहा कि हर पल की खबर प्रकाशित उनके संघर्ष में सहयोग किया है। जिसे वह कभी
भुला नहीं पाएंगे।