यमुना पुल के धंसने से हमीरपुर और महोबा जनपदों में गिट्टी और मौरंग के
व्यवसाय पर बुरा असर पड़ा है। शुक्रवार को जैसे ही पुल से भारी वाहनों के
गुजरने पर पुलिस ने रोक लगाई तो हाइवे पर मुख्यालय से लेकर मौदहा तक ट्रकों
की लंबी लाइनें लग गई। इससे जाम की स्थिति पैदा हो गई। गिट्टी-मौरंग भरे
ट्रकों के बेतवा पुल पर खड़े हो जाने से बसें जाम में घंटों फंसी रहीं।
जिले
का प्रमुख व्यवसाय मौरंग है, इसी से खनिज विभाग प्रतिवर्ष कई करोड़ का
राजस्व प्राप्त करता है। इसी तरह महोबा जनपद की गिट्टी दूर-दूर तक जाती है।
इन दोनों जनपदों में होने वाला व्यवसाय इसी यमुना पुल के जरिए होता है।
जिले मेें मौजूदा समय में बेतवा और केन नदी में मौरंग की खदानें संचालित
हैं। इन्हीं खदानों से प्रतिदिन 1400 से 2000 ट्रक मौरंग लेकर आसपास के कई
जनपदों में जाते हैं।
इसी तरह महोबा जिले से 600 से 700 ट्रक गिट्टी
प्रतिदिन बाहरी जनपदों को भेजी जाती है। ट्रकों में लोड की जाने वाली मौरंग
में पानी आने से सड़कों पर गुजरने वाले ट्रक मार्गों को पानी से लबालब किए
रहते हैं।
पुल के कमजोर होने की यह भी प्रमुख वजह मानी जा रही है। ब्रिज
के डैमेज होने से तमाम भारी वाहन हाईवे पर और राठ तिराहे पर खड़े रहे।