मुख्यालय स्थित हाईवे में यमुना पुल की दस नंबर कोठी की बीम क्रेक हो गई। फिलहाल अभी हाल में क्षतिग्रस्त हिस्से की मरम्मत के बाद यमुना पुल चालू किया गया था। एक बार फिर भारी वाहनों की आवाजाही पर निर्माण इकाई पीएनसी के अधिकारियों ने रोक लगा दी है। अधिकारियों के मुताबिक इंजीनियरों की टीम रात में ही जायजा लेगी। इसके बाद मरम्मत का कार्य शुरू कराया जाएगा।
गौरतलब हो कि 19 जून को यमुना पुल की तीन नंबर कोठी स्लैब धंस गई थी। मरम्मत कार्य के दौरान दो बीमों के क्रैक होने की निर्माण इकाई को जानकारी हुई।
जिस पर निर्माण इकाई पीएनसी के कर्मचारियों ने 12 दिन तक मरम्मत का कार्य कर 13वें दिन यानी 1 जुलाई को पुल से भारी वाहनाें की आवाजाही शुरू कर दी थी।
हालांकि निर्माण इकाई के अधिकारियों ने इस पुल के ऊपर से ओवरलोड वाहनों के निकलने पर पूर्णतया पाबंदी लगा रखी है। इसका पालन न तो भारी वाहन के मालिक कर रहे हैं और न ही प्रशासन करा पा रहा है।
गुरुवार की शाम 7 बजे यमुना पुल के बीचाेंबीच 10 नंबर कोठी की स्लैब धंसते ही लोगों में हड़कंप मच गया। हाइवे स्थित यमुना ब्रिज छठवीं बार डैमेज हुआ है।
इसे लेकर लोग महीनों परेशान रहते हैं आवागमन में असुविधा का सामना करना पड़ता है। पीएनसी के अवर अभियंता मनीष कुमार ने बताया कि भारी वाहनों की आवाजाही बंद कर दी गई है।
बताया कि इंजीनियरों की टीम देर रात तक मुख्यालय आएगी और रात में ही क्षतिग्रस्त हिस्से का जायजा लेकर मरम्मत कार्य शुरू करा दिया जाएगा।
उन्होंने बताया कि यमुना पुल के ऊपर से भारी वाहन निकाले जाने को लेकर पूर्णतया पाबंदी है। उसके बावजूद भी भारी वाहन निकाले जा रहे हैं। स्पष्ट किया कि दोनों नदियों में नए पुलों को बनाए जाने की जरूरत हैं।
बताया कि फिलहाल हल्के वाहनों और बसों को निकलने दिया जा रहा है। टीम के निरीक्षण के बाद भी आगे की कार्रवाई की जाएगी।