लगातार चौथे दिन भी धूप के न निकलने से सर्दी से लोग ठिठुरते रहे। शीतलहर का प्रकोप दिन प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है। सुबह शाम शीतलहर चलने से ठंड कम होने का नाम नहीं ले रही है।
गौरतलब हो कि रविवार को चौथे दिन भी धूप नही निकली। जिससे दिनभर सड़कों में सन्नाटा पसरा रहा। ठंड का सबसे ज्यादा असर पशु पक्षियों पर पड़ रहा है। सरीला प्रतिनिधि के अनुसार कसबा व क्षेत्र में पांचवे दिन भी धूप के न निकलने से जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया है। मौसम के मददेनजर फसलों का खराब होने का भय अब किसानों को सताने लगा है।
रात में आसमान साफ तो दिन में कोहरे की मार लोगों का झेलना पड़ रहा है। सबसे ज्यादा परेशानी जानवरों को उठानी पड़ रही है। कसबे के किसान मुरलीधर, रामसेवक, जयनारायन आदि ने बताया कि धूप न निकलने से फसलों में फूल नहीं आ पा रहे है। नमी के साथ ठंड से फसलों में पाला पड़ने की संभावना बढ़ने लगी है।
रविवार की दोपहर पेड़ में बैठा एक उल्लू ठंड के कारण नीचे आ गिरा। जिसे राहगीरों ने अलाव के पास रखकर उसकी जान बचाई। भरुआसुमेरपुर प्रतिनिधि के अनुसार रविवार को भी शीतलहर का प्रकोप जारी रहा। धूप न निकलने से व पछुआ हवाएं चलने से ठिठुरन भरा जाड़ा लोेगों को सताता रहा।