जमीनी विवाद के चलते सौतेले भाई के घर में घुसकर लाठी-डंडे व कुल्हाड़ी से
हमला कर एक भतीजे की हत्या कर दी गई और एक भतीजा व नाती की हालत गंभीर है।
घटना की सूचना पर पुलिस अधीक्षक सहित अन्य अधिकारी भी मौके पर पहुंचे। इस
मामले में छह लोगों के विरुद्ध पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया है।
अरतरा
गांव निवासी मइयादीन व उसके सौतेले भाई भुइयादीन के बीच काफी दिनों से
जमीनी विवाद चल रहा था। जिसकी सूचना पुलिस को भी दी गई थी। लेकिन इस इलाके
से संबंधित दारोगा व बीट के सिपाहियों की लापरवाही से निरोधात्मक कार्रवाई
नहीं की गई। जिसकी वजह से बीती रात यह वारदात हो गई।
पीड़ित पक्ष के
मइयादीन पाल ने कोतवाली में दर्ज कराई कि उसकी सौतेले भाई भुइयादीन से जमीन
को लेकर पुरानी रंजिश है। बीती रात 8 बजे जब वह अपने बेटों के साथ खलिहान
के निर्माणाधीन मकान के पास सो रहे था। तभी रात 12 बजे भुइयादीन, उसका
पुत्र फूलसिंह, अमर सिंह व बलवंत सिंह तथा दो अज्ञात व्यक्ति कुल्हाड़ी व
लाठी डंडों से लैस होकर आए और हमला बोल दिया।
जिससे उसका पुत्र राम सिंह व
मलखान तथा नाती सुरेंद्र को गंभीर चोटें आई। सभी को मरा समझकर शोर शराबे के
बीच हमलावर भाग निकले। तभी उसने एंबुलेंस फोन कर बुलवाई और इन्हें अस्पताल
पहुंचाया। जहां उसके छोटे पुत्र मलखान की मौत हो गई।
प्राथमिक उपचार के
बाद गंभीर अवस्था में दूसरे पुत्र रामस्ंिाह को इलाज के लिए सदर अस्पताल
भेजा गया। जिसकी हालत भी गंभीर बनी हुई है। इस मामले में कोतवाली पुलिस ने
भुइयादीन पुत्र अमर सिंह, बलवंत तथा दो अज्ञात व्यक्तियों के विरुद्ध
रिपोर्ट दर्ज की है।
घटना की सूचना पर पुलिस अधीक्षक दिनेश पाल सिंह, अपर
पुलिस अधीक्षक, सीओ व स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंचे। घटना स्थल का निरीक्षण
व जांच पड़ताल कर क्षेत्राधिकारी यशवीर सिंह ने बताया कि इस घटना में
पुलिस की लापरवाही साबित हुई है। क्योंकि जो जानकारियां प्राप्त हुई हैं।
उसके अनुसार इस रंजिश की सूचना देने के बावजूद हलका इंचार्ज दारोगा व बीट
सिपाहियों ने कोई कार्रवाई नहीं की। यदि पहले कोई कार्रवाई होती तो यह घटना
बच जाती। इससे लापरवाही बरतने वाले सिपाहियाें के खिलाफ भी कार्रवाई के
आदेश हुए हैं।