पारा रैपुरा गांव में जिला विज्ञान क्लब ने जागरूक
कार्यक्रम आयोजित किया गया। मृदा परीक्षण प्रयोगशाला अध्यक्ष हबीब खान ने
कहा कि असली खाद गोबर की ही है, जिससे मिट्टी भुरभुरी होती है। उन्होंने
किसानों को नैफेड कंपोस्ट बनाने की विधि बताई। कार्यक्रम में अंधविश्वास,
नशाखोरी और साफ सफाई के प्रति लोगों को जागरूक किया गया।
मृदा
परीक्षण प्रयोगशाला अध्यक्ष ने भूगर्भ जल खिसकने और जलवायु परिवर्तन के
बारे में जानकारी दी। उन्होंने गोबर की खाद का महत्व बताया। कार्बनिक खाद
तैयार करने को नैफेड कंपोस्ट विधि की जानकारी दी।
परियोजना अधिकारी
डॉ. आरएस सिंह सेेंगर ने पवन ऊर्जा, जल ऊर्जा एवं सौर ऊर्जा से चलने वाले
संयंत्रों की जानकारी दी। मुनीर खान ने स्वच्छ एवं स्वस्थ रहने का संदेश
दिया। नशाखोरी, अंधविश्वास से लोगों को जागरूक किया। न्याय पंचायत समन्वयक
अकील मुहम्मद ने बच्चों को स्कूल प्रतिदिन आने की नसीहत दी।
अभिभावकों
से बच्चों को प्रतिदिन स्कूल भेजने को कहा। जिला विज्ञान क्लब के समन्वयक
डॉ. जीके द्विवेदी ने क्लब के उद्देश्यों पर प्रकाश डाला। इस मौके पर
स्कूली बच्चों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। लखनलाल राजपूत
सांस्कृतिक दल द्वारा प्रस्तुत नुक्कड़ नाटक से लोगों को जागरूक किया।
किसानों
की प्रश्नोत्तरी कार्यक्रम में ज्ञानेेंद्र विश्वकर्मा, मुन्नीलाल, जगदीश
प्रसाद, आलोक कुमार, रामगुलाम, रामरतन, रमाशंकर बाजपेई को पुरस्कृत किया
गया।