सीसीटीवी फुटेज से मिले बदमाशों के निकाले गए फोटो
- फोटो : CCTV
मुख्यालय के हाइवे पर लक्ष्मीबाई तिराहे के निकट रह रही स्वास्थ्य विभाग की आया की घर में दस दिन पूर्व की गई लूटपाट व हत्या का पुलिस ने खुलासा किया है। पड़ोसी जनपद महोबा के स्पाइडरमैन गैंग के सदस्यों ने की थी। पुलिस ने गैंग के तीन सदस्यों को गिरफ्तार कर लूटे गए सोने व चांदी के जेवर व नगदी बरामद की है। पकड़े गए आरोपियों पर गैंगेस्टर एक्ट की कार्रवाई की जाएगी।
लक्ष्मीबाई तिराहा निवासी शांतिदेवी (58) स्वास्थ्य विभाग में आया थीं। उसके तीन पुत्र ओमप्रकाश, श्यामप्रकाश व रामप्रकाश हैं। शांति देवी यहां अकेले रहती थीं। चार अप्रैल दोपहर करीब 12 बजे कुछ बदमाश मकान के पीछे के दरवाजे से घुसे और करीब आधा घंटे लूटपाट की। शांति की गला दबाकर हत्या कर दी। शुक्रवार को घटना का खुलासा करते हुए एसपी एके त्रिपाठी ने बताया कि सीसीटीवी से मिले फुटेज व सर्विलांस की मदद से टीम लगातार छानबीन में जुटी थी। मुखबिर से मिली सूचना पर कोतवाल पीके सिंह, हमराही, गौरव भदौरिया, सोहन सिद्धार्थ, विनोद कुमार, भानूप्रताप सिंह, रमाकांत, जयप्रकाश दुबे ने राठ तिराहे के पास तीन व्यक्तियों को बैग के साथ दबोच लिया।
पकड़े गए लोगों ने नाम पुलिस ने सलीम उर्फ करिया पुत्र भौसा, असलम उर्फ स्पाइडर मैन पुत्र समद व हरी पुत्र कलवा निवासी नयापुरा नयकाना शुक्रवारी बाजार महोबा बताए हैं। इनके कब्जे से लूटे गए चार किलो चांदी के जेवरात, सोने के छह कंगन, एक नथनी व 2100 रुपये बरामद किए हैं। एसपी ने बताया कि पकड़े गए तीनों आरोपी पेशेवर अपराधी हैं और स्पाइडर गैंग नाम से गैंग चलाते हैं। बताया कि पक्की सूचना के बाद लूट व हत्या जैसी घटनाओं को अंजाम देते थे। एसपी ने पुलिस टीम को पांच हजार रुपये का पुरस्कार देकर सम्मानित किया है। साथ ही कहा कि पकड़े गए आरोपियों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट की भी कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस अधीक्षक एके त्रिपाठी ने कहा कि पूरे घटनाक्रम में करीब छह बदमाशों के शामिल होना पाया जा रहा है। घटना को अंजाम देने में तीन बदमाश मकान के अंदर करीब आधे घंटे तक रहे। मकान के बाहर बराबर रेकी कर मोबाइल से अन्य बदमाश सूचना का आदान प्रदान करते रहे। इसी का लाभ पुलिस को मिला। बताया कि रेकी करने वालों की भी शिनाख्त हो गई है। जल्द वह भी पुलिस की पकड़ में होंगे।