सदर कोतवाली क्षेत्र के एक गांव में मंदबुद्धि किशोरी के साथ एक युवक के दुष्कर्म के मामले में अपर सत्र न्यायाधीश एफटीसी प्रथम विजयपाल की अदालत में सुनवाई हुई। अदालत ने आरोपी को 20 वर्ष के कठोर कारावास व दस हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। साथ ही जुर्माने से पांच हजार रुपये पीड़िता को देने के आदेश दिए हैं।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता शैलेष स्वरूप चौरसिया ने बताया कि बीते 17 मई 2013 को सदर कोतवाली क्षेत्र के एक गांव निवासी घसीटा ने गांव की ही एक मंदबुद्धि किशोरी को उसी के घर में अकेला पाकर उसके साथ दुष्कर्म किया। इसी दौरान घर में तसला रखने पहुंची भुक्तभोगी की चचेरी बहन ने चीखने की आवाज सुनकर कमरे में झांककर देखा तो घसीटा ने उसे भी जान से मारने की धमकी दी और घर से निकल गया। मामले की जानकारी घर लौटने पर पीड़िता ने अपने पिता को बताई, जिस पर उसने दूसरे दिन सदर कोतवाली में घसीटा के खिलाफ मामला दर्ज कराया।
मामले की सुनवाई करते हुए गुरुवार को अपर सत्र न्यायाधीश एफटीसी प्रथम बिजयपाल ने आरोपी घसीटा को दोषी मानते हुए 20 वर्ष के कठोर कारावास व दस हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड जमा न करने की दशा में उसे एक वर्ष के और कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही जुर्माने में पांच हजार रुपये पीड़िता को देने के निर्देश दिए हैं।