करीब चार वर्ष पूर्व राठ कस्बे के एक धर्मशाला में अपने मामा की शादी में शामिल होने आई एक मासूम के साथ वहीं के वेटर ने दुष्कर्म के मामले में न्यायालय ने आरोपी को आजीवन कारावास व 27 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। अदालत ने जुर्माने की आधी धनराशि पीड़िता को दिलाने के निर्देश दिए हैं।
सहायक शासकीय अधिवक्ता देवसिंह यादव ने बताया कि मध्य प्रदेश के छतरपुर के एक कस्बा निवासी व्यक्ति 23 अप्रैल 2013 को राठ स्थित एक धर्मशाला में अपने साले की शादी में शामिल होने आया था। उसके साथ उसकी पत्नी और सात साल की बेटी थी। वे लोग धर्मशाला के ऊपरी कमरे में ठहरे थे, जहां उसकी सात साल की बेटी सो रही थी। कमरे में अन्य लोग भी थी। रात करीब एक बजे शादी समारोह में ही वेटर का काम कर रहा सुखसिंह पुत्र शिवराज सिंह कमरे में घुस आया।
उसने बालिका से दुष्कर्म किया। बालिका के चिल्लाने पर लोग जाग गए और आरोपी को पकड़ लिया। बालिका के पिता ने कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद गुरुवार को अपर सत्र न्यायाधीश दीपा जैन ने सुखसिंह को दोषी पाया और उम्रकैद व 27 हजार रुपये जुर्माना लगाया। जुर्माने की आधी धनराशि पीड़िता को दी जाएगी।