हमीरपुर। भतीजे की हत्या के मामले में अदालत ने बुधवार को सुनवाई के बाद दोषी को आजीवन कारावास व 20 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। पैरवी कर रहे सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता आनंद कुमार सक्सेना ने बताया कि चार दिसंबर 2011 को बरहरा गांव निवासी सोबरन की तमंचे से गोली मारकर उसके चाचा लल्लू ने हत्या कर दी थी। भतीजा व आरोपी दोनाें ही अविवाहित थे। साथ ही आरोपी लल्लू का गांव में ही एक औरत के यहां आना जाना था जिसका विरोध भतीजा करता था। इससे चाचा उससे रंजिश मानता था। घटना की रिपोर्ट मृतक के पिता वृंदावन ने थाने में दर्ज कराई थी। मामले की सुनवाई करते हुए अपर सत्र न्यायाधीश कोर्ट नंबर चार के न्यायाधीश शैलोज चंद्रा ने आरोपी को दोषी मिलने पर उसे आजीवन कारावास व 20 हजार रुपए के अर्थदंड की सजा सुनाई। साथ ही मिलने वाले अर्थ दंड में आधी धनराशि वादी को देने के निर्देश दिए।