भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष लक्ष्मीकांत वाजपेयी ने
शुक्रवार को बिवांर कांड के 18वें दिन धरना समाप्ति की घोषणा कर दी। इस
दौरान उन्होंने बुंदेलखंड में भाजपा की पूरी ताकत झोंकने का प्रयास किया।
कई जिलों के सांसद, विधायक और पदाधिकारी यहां पहुंचे। उन्होंने सीबीआई जांच
पर संतुष्टि जताते हुए कहा ‘बिवांर कांड का दूध का दूध व पानी का पानी हो
जाएगा। जनपद की कातिल पुलिस को जेल जाना पड़ेगा’।
भाजपा प्रदेश
अध्यक्ष ने सपा सरकार को कानून व्यवस्था के मसले पर कटघरे में खड़ा किया।
बोले, प्रदेश की कानून व्यवस्था पूरी तरह से फेल है।
थानों को सपा के गुंडे
चला रहे हैं। लेकिन बिवांर कांड के विरोध में यहां की जनता ने जो संघर्ष
किया है, वह अब जाया नहीं जाएगा। धरना समाप्ति की घोषणा करते हुए कहा कि
जरूरत पड़ी तो दोबारा सड़कों पर उतरकर संघर्ष करेेंगे।
लक्ष्मीकांत वाजपेयी
ने हमीरपुर की डीएम संध्या तिवारी, मौदहा की एसडीएम प्रवीणा अग्रवाल व सीओ
यशवीर सिंह सहित पूरे थाने के सिपाहियों को निलंबित करने और मृतकों के
परिजनों को 25-25 लाख व घायलों को 10-10 लाख रुपये मुआवजा देने की मांग की।
ये था मामला
कस्बा बिवांर में 25 जुलाई को छेड़खानी से
आहत छात्रा स्वीकृति खरे के आत्मदाह कर लिया था। विरोध में बवाल कर रहे
लोगों पर पुलिस की फायरिंग से एक की मौत और तीन लोग घायल हुए थे। इसके बाद
कस्बे का माहौल बिगड़ गया। पुलिस बर्बरता व डीएम की लापरवाही के खिलाफ
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष धरने पर बैठे थे। यह धरना 18 दिनों तक लगातार जारी
रहा।