अघोषित बिजली कटौती का विरोध करने पर मुकदमा दर्ज
होने से वकील आंदोलित हैं। सोमवार को वकीलों के साथ व्यापार मंडल व
कांग्रेस भी जुड़ गई। व्यापारियों ने प्रतिष्ठान बंदकर लोगों ने प्रशासन के
प्रति विरोध जता मुकदमा वापस लेने की मांग की।
गौरतलब हो कि 19 अगस्त
को अघोषित विद्युत कटौती को लेकर अधिवक्ताओं ने प्रदर्शन कर पावर कारपोरेशन
कार्यालय पहुंचकर विरोध जताया था। साथ ही बस स्टैंड चौराहे पर जाम लगाकर
जमकर नारेबाजी की थी।
जिस पर प्रशासन ने करीब 40 अज्ञात अधिवक्ताओं के
खिलाफ सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने के साथ ही अन्य संगीन धाराओं में
मुकदमा दर्ज कर दिया।
जिससे अधिवक्ताओं में आक्रोश फूट पड़ा और वह न्यायिक
कार्य से विरत रहकर जिला मजिस्ट्रेट न्यायालय का पूरी तरह से बायकाट कर
दिया। करीब 11 दिनों तक अधिवक्ताओं का यह संघर्ष चलता रहा।
जिस पर अधिवक्ता
संघ ने बैठक कर जनपद के विभिन्न संगठनों से सहयोग मांगा और सोमवार को जनपद
का पूरा व्यापार बंद रखने की अपील की थी। इस दौरान मोहन स्वरूप पाठक,
सुरेश सिंह गौतम, महेश प्रसाद साहू, प्रकाशचंद्र ओमर सहित आधा सैकड़ा
अधिवक्ता मौजूद रहे।
उधर, अधिवक्ताओं के आह्वान पर सोमवार को जिले के
व्यापारी भी कटौती के विरोध में प्रतिष्ठान बंदकर सड़कों पर उतर आए। नगर
उद्योग व्यापार मंडल प्रतिनिधि ने ऊर्जा मंत्री को संबोधित ज्ञापन डीएम को
सौंपा।
इस दौरान सूर्य कुमार, धीरेंद्र, राकेश साहू, गोविंद, तौकीरूल
इस्लाम, कमल गुप्ता, अंजनी गुप्ता, अजय निषाद, इकबाल अहमद, अजय अवस्थी, मो.
कलीम, धर्मेंद्र दीक्षित, मनीष साहू, आलोक गुप्ता, धर्मेंद्र साहू,
रामऔतार, संजय गुप्ता आदि व्यापारी मौजूद रहे।