मौदहा कस्बे में आईटीआई की बिल्डिंग बन चुकी है। इसके साथ ही आईटीआई के नाम
पर छात्रों के एडमिशन लिए गए और राठ तथा सरीला आईटीआई भेज दिया गया। इधर
दोनों आईटीआई के प्रधानाचार्यों ने इन छात्रों को मौदहा वापस कर दिया है।
जबकि मौदहा के आईटीआई में ताला लटक रहा है। शनिवार को छात्रों ने मुख्यालय
में प्रदर्शन कर एडीएम को ज्ञापन दिया।
राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण
संस्थान के छात्रों ने अपर जिलाधिकारी कुंजबिहारी अग्रवाल को दिए ज्ञापन
में बताया कि आईटीआई मौदहा में ताला लटक रहा है। प्राचार्य व लिपिक कानपुर
में रह रहे हैं।
सभी छात्रों का प्रथम सेमेस्टर राठ आईटीआई में संचालित
कराया गया। फिर उन्हें मौदहा आईटीआई भेज दिया गया। मौदहा आईटीआई के बाहर
बोर्ड में चस्पा नोटिस में लिखा है कि जिलाधिकारी व नोडल अधिकारी के
आदेशानुसार आईटीआई सरीला में संचालित होगी।
जबकि प्राचार्य ने बात करने पर
बताया गया कि स्टाफ की कमी है इसलिए ऐसा हो रहा है। छात्रों ने बताया कि
राठ व सरीला आईटीआई के चक्कर लगाने से समय की बर्बादी होने के साथ-साथ
छात्राओं के सामने सुरक्षा का सवाल सामने आ रहा है।
बताया कि तीन माह से वह
लोग इधर-उधर भटक रहे हैं। जबकि द्वितीय सेमेस्टर की परीक्षाएं नजदीक आ रही
हैं। बताया कि मौदहा आईटीआई का लिपिक सरीला में बैठकर 530 रुपये की जगह
640 रुपये वसूल रहा है।
छात्रों ने मौदहा आईटीआई को शुरू कराए जाने की मांग
की है। इस दौरान सत्यवती, अंकिता यादव, अतुल कुमार, राजकुमार, बीरेंद्र
कुमार, जानकी प्रसाद, ज्ञानसिंह, कपिल सिंह, सतीश कुमार, अवधेश कुमार, पवन
कुमार, बालेंद्र, राजेंद्र आदि मौजूद रहे।