चार वर्ष पूर्व कोतवाली क्षेत्र के एक गांव में हुए दुष्कर्म के मामले में फास्ट कोर्ट न्यायालय प्रथम के न्यायाधीश विजयपाल ने आरोपी को दोषी पाकर 10 वर्ष की कैद व 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।
न्यायालय के शासकीय अधिवक्ता देवसिंह यादव ने बताया कि दो मई 2012 को एक गांव निवासी वादी की दो बहनें घर में मौजूद थी। तभी पड़ोस में रहने वाली एक किशोरी उसके घर आई और छोटी बहन को दुकान से सामान दिलाने की बात कहकर साथ ले गई।
करीब आधा घंटा बीतने पर भी जब वह घर नहीं पहुंची तो घर में मौजूद बड़ी बहन उसका पता लगाने पड़ोसी किशोरी के घर गई। जहां किशोरी अपने घर की बाहर से कुंडी लगाए खड़ी थी। जब बड़ी बहन ने किशोरी से अपनी बहन के बारे पूछा तो उसने कहा कि यही कहीं होगी।
तभी किशोरी के घर से छोटी बहन के चीखने की आवाज आईं तो बड़ी बहन ने पड़ोसी राजेंद्र की मदद से किशोरी के घर की कुंडी खुलवाई और देखा कि आंगन के बगल वाले कमरे मे अमिरता डेरा निवासी लवकुश उसकी बहन के साथ दुष्कर्म कर रहा था।
मामले की सारी जानकारी पीड़िता की बड़ी बहन ने अपने भाई को मोबाइल पर दी। जिस पर भाई ने कोतवाली में आरोपी व किशोरी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। किशोरी के नाबालिग होने पर उसका मामला किशोर न्यायालय में विचाराधीन है। जबकि आरोपी लवकुश को दोषी पाए जाने पर न्यायाधीश विजयपाल ने उसे 10 वर्ष के कारावास व 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।