मौदहा तहसील के इचौली के किसानों में इलाहाबाद यूपी ग्रामीण बैंक शाखा के
पूर्व प्रबंधक सहित अन्य के खिलाफ केसीसी में की गई धोखाधड़ी में मुकदमा
दर्ज होने के बावजूद कार्रवाई न किए जाने पर नाराजगी है। मंडलायुक्त को दिए
ज्ञापन में आरोप लगाया है कि पुलिस आरोपियों को बचाने में जुटी है।
इचौली गांव के किसानों ने मंडलायुक्त को दिए ज्ञापन
में बताया कि किसान क्रेडिट कार्ड बनवाने के लिए इलाहाबाद यूपी ग्रामीण
बैंक शाखा इचौली से ऋण लेने को आवेदन किया था। अशिक्षित होने के चलते
उन्होंने गांव के बडकू उर्फ भगवानदीन शुक्ला को सभी कागजात माह दिसंबर 2013
में उपलब्ध करा दिए थे।
लेकिन काफी समय बीतने के बाद भी ऋण नहीं मिला तो
उन्होंने बैंक जाकर कागजात मांगे तो पता चला कि उनका ऋण पास हो गया और उनके
खाते से पैसा भी निकल गया है।
बताया कि सीताराम के खाते से 1,02,000
रुपये, निब्बू के 64,000 रुपये, रामदेव के 53,000 रुपये, राधे के 55,000
रुपये, मुन्नीलाल के 22,000 रुपये, मंगल के 14,000 रुपये, मोती के 40,000
रुपये, लल्लू के खाते से 50,000 रुपये अलग अलग तारीखों में निकाले गए।
किसानों ने बताया कि उनके खातों से धोखाधड़ी कर पूर्व शाखा प्रबंधक
लक्ष्मण, कैशियर गुलाबचंद्र तथा मध्यस्थ बडकू शुक्ला ने मिलकर पैसा निकाल
लिया। बताया कि इस मामले में बीते 16 जुलाई को आरोपियों के खिलाफ मुकदमा
दर्ज किया गया। लेकिन चार माह बीतने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं की गई है।
उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस बचाने के लिए फाइनल रिपोर्ट लगाने जा रही
है। किसानों ने मंडलायुक्त से आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग
कर अनशन पर बैठने की चेतावनी दी है। इस दौरान सीताराम, मुन्नीलाल, राजदेव,
निब्बू, मिजाजीलाल, राधेश्याम सहित अन्य किसान मौजूद रहे।