चंडीगढ़ कोर्ट, हाईकोर्ट, अदालत, न्यायालय
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मुस्करा थानाक्षेत्र के एक गांव में बच्ची के साथ दुष्कर्म के मामले में न्यायालय प्रथम, अपर सत्र न्यायाधीश शमसुल हक ने अभियुक्त को दस वर्ष की कैद व 20 हजार रुपये अर्थदंड लगाया है। जुर्माना अदा न करने पर छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतनी होगी। जुर्माने की आधी रकम पीड़िता को दिए जाने का आदेश है।
शासकीय अधिवक्ता देव सिंह यादव व राजेश कुमार शुक्ला ने बताया एक गांव में तीन नवंबर 2016 को चार वर्षीय बच्ची घर में खेल रही थी। इसी बीच वह अभियुक्त लक्ष्मी के घर के पास चली गई। वहां अभियुक्त ने उससे छेड़खानी की और फुसलाकर अपने घर ले जाकर घटना को अंजाम दिया।
मासूम ने खेतों से काम कर घर लौटे परिजनों से घटना के बारे में जानकारी दी। पुलिस ने पांच नवंबर 2016 को अभियुक्त के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की। मामले में न्यायालय प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश शमसुल हक ने अभियुक्त लक्ष्मी को दस साल की सजा सुनाई है।
अभियुक्त को आठ वर्ष की सजा
हमीरपुर। शासकीय अधिवक्ता अल्ताफ हुसैन व आनंद कुमार सक्सेना ने बताया राठ थानाक्षेत्र के एक गांव निवासी युवती ने तीन जनवरी 2015 को थाने में तहरीर देकर पुलिस को बताया था कि अभियुक्त इरशाद निवासी मुगलपुरा ने उसके साथ 10 जून 2014 को दुष्कर्म किया था। उसने परिजनों को जानकारी दी तो बिरादरी की पंचायत बुलाई गई।
जिसमें अभियुक्त इरशाद ने शादी करने का आश्वासन दिया, लेकिन बाद में अभियुक्त इरशाद व उसकी मां ने शादी से इंकार कर दिया। इस मामले की सुनवाई बुधवार को अपर जिला सत्र न्यायाधीश एफटीसी ब्रह्मतेज चतुर्वेदी की अदालत में हुई। अदालत ने अभियुक्त इरशाद को दुष्कर्म के मामले में आठ वर्ष की सजा सुनाई और 15 हजार रुपये अर्थदंड लगाया है।