फरीदाबाद में आईएएस की तैयारी कर रही जनपद महोबा के थाना खरेला के बराय गांव निवासी होनहार युवती की मौत खबर अभी गांव के लोगों को नहीं मिली। वहीं, जनपद जालौन में तैनात दारोगा पिता ने कहा कि बेटी को आईएएस बनाने का उसका सपना ही टूट गया। उधर, घर में बीमार पड़ी मां को भी अब तक बेटी की मौत की सूचना नहीं दी गई। बराय निवासी खुशीराम मौजूदा समय में जनपद जालौन में पुलिस विभाग में एसआई हैं। बेटी की मौत पर
बराय निवासी भाई राहुल ने कहा कि उन्हें घटना की जानकारी नहीं है। इसके बाद पीड़ित पिता खुशीराम से मोबाइल पर घटना की जानकारी ली। तो पिता ने बताया कि उसके छोटे भाई संतराम की पारिवारिक सलहज कमला देवी और उसके बेटे नरेश थाना राठ के धनौरी गांव के रहने वाले हैं। वह मौजूदा
समय में फरीदाबाद में रहते हैं। कहा कि उसकी बेटी दीपू (23) होनहार थी। उनके लड़के रमेश, राहुल व उमाशंकर हैं। बेटी सविता खरेला कस्बे में हाईस्कूल में पढ़ती है। बताया कि बड़ी बेटी दीपू ने जब उससे आईएएस बनने की इच्छा जताई तो उसने बेटी की इच्छा के साथ अपना सपना पूरा करने की
ठान ली। पढ़ाई के लिए फरीदाबाद में उसने कमला के पास बेटी को रख दिया। सारा खर्च कमला को देता रहा। खर्च देने के बाद भी बेटी को वह लोग ठीक से नहीं रखते थे। उसका रुपया खा गए। इस पर वह उनसे अलग रहने लगी। बताया कि घटना के पूर्व बेटी कमला के घर गई थी। इस पर उन लोगों ने उसे
टार्चर किया है। उन्होंने बताया कि उनकी पत्नी रामकली बीमार हैं। इसी कारण परिवार के लोगों को बेटी की मौत की सूचना नहीं दी है। कहा कि अभी वह जालौन में ड्यूटी में है। उसका बेटा रमेश अहमदाबाद में रहता है। वही, बेटी का शव गांव लेकर आ रहा है। पोस्टमार्टम और दाहसंस्कार के बाद आगे की कार्रवाई करेंगे। दारोगा ने कहा कि उसकी बेटी की पारिवारिक मामी और उसके पुत्र ने आर्थिक शोषण किया है। इसी वजह से उसने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।