पोस्टमार्टम हाउस में किसान के गमगीन परिजन
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चिकासी थाने के बंगरा गांव में कर्ज चुकता न कर पाने से परेशान एक वृद्ध किसान ने पेड़ पर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। किसान के ऊपर बैंकों और गांव के साहूकारों का कर्ज था। कर्ज चुकाने को लेकर उसने अपनी जमीन तक बेच दी, लेकिन पूरा कर्ज चुकता नहीं कर पाया।
बंगरा निवासी किसान छोटेलाल लोधी (59) पुत्र काशीप्रसाद लोधी के पास करीब आठ बीघा जमीन थी। जिससे उसके परिवार का भरण पोषण होता था। पिछले चार सालों से ओलावृष्टि और सूखे के चलते किसान की हालत खराब हो गई थी। खेती न होने से किसान परेशान रहता था।
किसान छोटेलाल लोधी अपने ही परिवार के सुरेश पुत्र भरोसा लोधी के खेत में लगे दो आम के पेड़ों की रखवाली बटाई पर लेकर कर रहा था। रविवार की रात किसान छोटेलाल ने आम के पेड़ पर रस्सी से फांसी लगा ली। सोमवार की सुबह जब खेतों में शौच करने गए ग्रामीणों ने उसे पेड़ पर लटका देखा तो हड़कंप मच गया।
किसान के इकलौते पुत्र भगवानदास ने बताया कि उसके पिता के ऊपर इलाहाबाद यूपी ग्रामीण बैंक इटैलिया का करीब दो लाख 80 हजार रुपये ग्रीन कार्ड का कर्ज था। इसके अलावा गांव के साहूकारों का करीब तीन लाख रुपये कर्ज था। बीते करीब एक साल पूर्व उसकी बहू धनवंती ने आग लगाकर आत्महत्या कर ली थी।
बहू के मायके पक्ष से एक लाख रुपये देने पर समझौता हुआ था। बताया कि चार साल से फसल चौपट होने के कारण पिता कर्ज नहीं चुका पा रहे थे। जिसके चलते उसके पिता ने बीते 10 दिन पहले करीब तीन बीघा पैतृक जमीन तीन लाख 75 हजार रुपये में बेच डाली और गांव के साहूकारों और बहू के मायके वालों को रुपये दे दिए थे।
फिर भी बैंक का कर्ज बना रहा। बताया कि जमीन बिक जाने से पिता परेशान रहने लगे थे। जिसके चलते उन्होंने फांसी लगा ली। किसान की मौत से परिजनों का रो रोकर बुरा हाल है। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया है।