फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सदमा नहीं झेल सका किसान

Sun, 19 Apr 2015 12:33 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला/हमीरपुर
विज्ञापन
विज्ञापन
पचखुराखुर्द गांव में एक किसान फसल बर्बादी का सदमा बर्दाश्त नहीं कर सका। बीती शाम खेत से घर लौटते समय वह रास्ते में बेहोश होकर गिर पड़ा। इलाज के लिए अस्पताल ले जाते समय उसने रास्ते में दम तोड़ दिया। इसके पूर्व भी इसी गांव के दो किसानों की सदमे से मौत हो चुकी है।
विज्ञापन


पचखुराखुर्द निवासी हर प्रसाद द्विवेदी (70) शुक्रवार को देर शाम खेतों से फसल कटाई कराकर घर लौट रहे थे। तभी गांव के किनारे खड़ंजा में बेहोश होकर गिर पड़े। सूचना पाकर पहुंचे परिजन 108 नंबर एंबुलेंस से  इलाज के लिए सदर अस्पताल ले जा रहे थे। तभी रास्ते में उसने दम तोड़ दिया।

परिजनों ने घर लाकर शनिवार  सुबह अंतिम संस्कार कर दिया। मृतक के पुत्र संतोष कुमार द्विवेदी ने बताया कि पिता के नाम 13 बीघे पुश्तैनी जमीन है। इसके अलावा 35 बीघे बटाई और 15 बीघे ठेकेदारी में ले रखी थी। इन खेतों में गेहूं के अलावा चना, मसूर, अरहर व सरसों बोया था। बारिश के चलते चना, मटर, सरसों सहित अन्य फसलें बर्बाद हो गई।
विज्ञापन


गेहूं की फसल से कुछ उम्मीद थी। लेकिन पिछले दिनों हुई बारिश से वह भी खेतों में सड़ गई। बताया कि पिता पर इलाहाबाद यूपी ग्रामीण का 70 हजार का केसीसी है। जबकि 50 हजार रुपये से अधिक का कर्ज रिश्तेदारों व ग्रामीणों से ले रखा था। इसी कर्ज को चुकाने के लिए वह परेशान थे।
विज्ञापन

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें