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कर्ज से परेशान किसान ने लगाई फांसी, मौत

Sun, 18 Mar 2018 11:50 PM IST
अमर उजाला, हमीरपुर
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किसान की मौत पर गमगीन बैठी महिलाएं। अमर उजाला - फोटो : amar ujala
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कोतवाली क्षेत्र के जखेड़ी गांव में फसल की कम उपज और कर्ज के बोझ तले दबे एक किसान ने फांसी लगाकर जान दे दी। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया है। किसान पर एक बैंक का करीब एक लाख रुपये का कर्ज था।
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जखेड़ी गांव निवासी किसान हर नारायण यादव (53) के पास खेती योग्य मात्र चार बीघा जमीन है। इस साल किसान ने दो बीघा में जौ और दो बीघा में चना की फसल बोई थी। बीते कई वर्षों की तरह इस साल भी मौसम की मार के कारण नाम मात्र ही उपज हुई। हर नारायण ने धनौरी गांव की यूपी इलाहाबाद ग्रामीण बैंक से किसान कार्ड के तहत एक लाख तथा गांव के साहूकारों से करीब 50 हजार रुपये कर्जा लिए था।

किसान के पुत्र जीतेंद्र ने बताया शनिवार सुबह उसके पिता जानवर चराने के लिए खेतों में गए थे। कब लौट कर वह जानवरों वाले बाडे़ में आ गए किसी को पता नहीं चला। शाम करीब पांच बजे जब उसकी मां कुसमा बाड़े में गई तो वहां बने एक घर में पति को रस्सी में टंका देख चिल्ला पड़ी। ग्रामीणों ने आवाज सुनी तो वह भी मौके पर पहुंचे। तब तक किसान की मौत हो चुकी थी। बताया कि उसके पिता को बैंक का कर्ज और फसल की कम उपज की चिंता सता रही थी। किसान हर नारायण के दो पुत्र मनोज और जीतेंद्र हैं। वे पिता के साथ खेती में हाथ बंटाते थे। एक पुत्री की तीन साल पहले शादी हो चुकी है।
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हर नारायण के छोटे भाई कालाराम ने भी बेटी की शादी की चिंता में आठ माह पहले फांसी लगाकर जान दे दी थी। किसान के परिवार की आर्थिक स्थिति अच्छी न होने के कारण दोनों भाई परेशान रहते थे। परिजन अभी एक मौत के गम से उबर नहीं पाए थे। कि इस हादसे के बाद उनके ऊपर गमों का पहाड़ टूट पड़ा है।
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