मौदहा कोतवाली क्षेत्र के छिरका गांव में सोमवार सुबह एक किसान ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। परिजनों का कहना है कि खेत की फसल खराब होने पर उसने यह कदम उठाया। सूचना पर पहुंचीं एसडीएम प्रवीणा अग्रवाल ने बताया कि किसान संपन्न था और बीमारी से त्रस्त था। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है।
किसान चंदन सिंह (55) पुत्र रामआसरे चरखारी, महोबा का मूल निवासी था। वह छिरका गांव में मां को मिली 70 बीघे जमीन के चलते गांव में ही रहता था। उसके हिस्से में 40 बीघे जमीन बताई जा रही है। चंदन सिंह का पेट का मरीज था जिस कारण बीते कुछ वर्षों से इलाज चल रहा था। उसके पेट का आपरेशन हुआ था और कल उसे ग्वालियर इलाज कोजाना था।
उसके तीन पुत्र व एक पुत्री है। पुत्री और दो पुत्रों की शादी हो चुकी है। सोमवार को सुबह उसने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। मृतक के जीजा धरम सिंह ने पुलिस को सूचना दी कि उसके साले ने फंासी लगा ली। सूचना पर पहुंची एसडीएम प्रवीणा अग्रवाल ने स्थिति का जायजा लिया और लेखपाल से भूमि संबंधित जानकारी ली।
एसडीएम ने बताया कि चंदन सिंह दो भाई है। मां की 70 बीघे जमीन के बराबर मालिक है। इनके पास ट्रैक्टर व नलकूप है। साथ ही 40 बीघे जमीन उसके गांव में है। वह एक संपन्न कृषक है। वहीं उसके परिजनों का कहना था कि फसल बर्बाद होने से परेशान चंदन सिंह ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। इलाज के लिए पैसे नहीं थे, फसलें बर्बाद हो चुकी हैं। इससे वह कई दिनों से परेशान था।