समाधान दिवस पर शनिवार को कोतवाली में कई फरियादी आए। जिनमें मुख्य समस्या
कोतवाली के पीछे नजूल भूमि पर अतिक्रमण का मामला रहा। इसके लिए पुलिस बल व
राजस्व कर्मियों सहित नगर पालिका के कर्मियों ने जेसीबी से इस अतिक्रमण को
हटा दिया।
हालांकि पीड़ित पक्ष के अलावा यहां मौजूद अन्य लोगों की
शिकायत की थी जितने भी नजूल भूमि में अतिक्रमण है उन्हें हटाए जाए और नजूल
भूमि की नाप कराई जाए।
कसबा स्थित पुराने किले के आसपास नजूल भूमि
पर कब्जों की भरमार है। इस किले के पास जहां हाथी दरवाजा है। ठीक इसी के
सामने एक बड़ा कुंआ था, जिससे राजा की फौज व उसके मवेशियों को पानी दिया
जाता था। इसमें एक बड़ी चरही बनी हुई थी।
लेकिन लोगों ने पहले कुंआ
तोड़ा व फिर चरही तोड़ी। इसके बाद नजूल भूमि पर कब्जे कर लिए। अतिक्रमण
की शिकायत पर उपजिलाधिकारी रामयश गौतम, कोतवाली पुलिस व संबंधित लेखपाल
तथा पालिका परिषद के कर्मियों को जेसीबी सहित मौके पर भेजा।
जिससे
अतिक्रमण हटाने के साथ ही वहां के कुछ लोगों ने इसका विरोध किया। तो
ज्यादातर लोगों ने मांग की कि इस तरह का अतिक्रमण जहां भी हो सभी के हटाए
जाएं।