कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित विकास कार्यों की
समीक्षा बैठक में मनरेगा कार्यों में रुचि न लेने पर ग्राम विकास अधिकारी
के निलंबन के निर्देश डीएम संध्या तिवारी ने सीडीओ को दिए। साथ ही मनरेगा
प्रभारी राठ और एपीओ मनरेगा राठ को भी प्रतिकूल प्रविष्टि दी गई है।
डीएम
की अध्यक्षता में बुधवार की दोपहर कलेक्ट्रेट सभागार में विकास कार्यों की
समीक्षा बैठक हुई। इसमें वर्ष 2013 में मुख्यमंत्री द्वारा की घोषणा में
अधिशाषी अभियंता जल निगम द्वारा रुचि न लेने पर इनके विरुद्ध प्रमुख सचिव
को पत्र लिखने के निर्देश दिए।
गौरतलब हो कि मुख्यमंत्री की घोषणा
के बाद अभी तक जलनिगम ने एक भी कार्य शुरू नहीं कराए। कुरारा बेरी मार्ग के
बनने के एक माह के बाद ध्वस्त हो जाने पर डीएम ने अधिशासी अभियंता लोनिवि
प्रांतीयखंड के विरुद्ध शासन को कार्रवाई किए जाने का पत्र लिखा है।
समीक्षा
बैठक में बीते माह सीएचसी राठ में एक प्रसव पीड़ित महिला की मौत होने पर
डीएम ने रिपोर्ट तलब की, जिसमें आंगनबाडी कार्यकत्री और एएनएम को दोषी पाया
गया। डीएम ने सीएमओ व जिला कार्यक्रम अधिकारी को निर्देश देकर कार्रवाई
करने को कहा।
डीएम ने कहा कि जिले में एक भी बच्चा कुपोषित न रह
जाए, इसके लिए अभियान चलाया जाए। साथ ही जनपद के जिला स्तरीय अधिकारी को
एक-एक गांव गोद लेने के निर्देश दिए।
समाजवादी पेंशन योजना की
समीक्षा में कहा कि चंदौखी गांव में फीडिंग की अनियमितता में अपात्र लोगों
का चयन किया गया और उनके खातों में पेंशन की धनराशि भी भेज दी गई। जांच के
बाद 44 अपात्रों के नाम सूची से हटाए गए। डीएम ने कहा निर्माण कार्यों में
गुणवत्ता से समझौता नहीं किया जाएगा।
मनरेगा कार्यों में रुचि न
लेने पर ग्राम विकास अधिकारी आशीष कुमार क ो निलंबित करने के निर्देश दिए।
साथ ही मनरेगा प्रभारी राठ रामलाल गुप्ता व एपीओ मनरेगा राठ को भी प्रतिकूल
प्रविष्टि दी गई है। बुंदेलखंड पैकेज की जो धनराशि विभागों को आवंटित हुई
है।
अभी तक किसी विभाग ने धन नहीं खर्चा किया है। इस पर असंतोष
व्यक्त किया। बैठक में सीडीओ, पीडी डीआएडीए आदि जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद
रहे।