फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

नए साल में 145 गांवों में गुल रही बिजली

Fri, 02 Jan 2015 01:03 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, हमीरपुर
विज्ञापन
विज्ञापन
सरीला कसबा सहित 145 गांवों की लाइफ लाइन कही जाने वाली 33 केवीए लाइन आए दिन फाल्ट की चपेट में रहती है। बुधवार रात फिर 33 केवीए लाइन में फाल्ट आ जाने से दो पावर स्टेशनों की आपूर्ति ठप हो गई। जिसकी वजह से 145 गांवों में नए साल पर अंधेरा पसरा रहा।
विज्ञापन


तहसील क्षेत्र में बिजली की बदतर व्यवस्था दूर होने का नाम नहीं ले रही है। कभी खेड़ाशिलाजीत पावर सबस्टेशन के लिए बनाई गई लाइन से क्षेत्र के गांवों को संतृप्त किया जाता रहा।

इस बीच ममना गांव में पावर स्टेशन बना तो 33केवी लाइन से बिजली देने का काम शुरु कर दिया गया। दो दो पावर सबस्टेशनों का लोड एक लाइन पर डाले जाने से क्षेत्र में लो वोेल्टेज की समस्या बनी रहती है। वहीं बेहद पुरानी हो चुकी इस लाइन पर आए दिन तारों के टूटने के साथ होने वाले फाल्टों से बिजली नहीं मिल पा रही है।
विज्ञापन


24 दिसंबर को 55 किमी लंबी लाइन का तार अमगांव के निकट फाल्ट हो गया। फिर 27 को वीरा गांव के निकट लाइन फाल्ट हुई। 31 दिसंबर की रात इस लाइन में  वीरा गांव के निकट फिर फाल्ट हो गया।

इससे सरीला कसबा सहित 145 गांव अंधेरे में डूब गए। हालांकि आज बरसात के बीच विद्युत कर्मी लाइन के फाल्ट को ढूंढने में सफल रहे। वीरा के निकट फाल्ट के सही होते ही जैसे लाइन चालू की गई तभी ममना सबस्टेशन में मेन ओसीबी खराब हो गई।

नई लाइन बिछाने का काम एक साल बाद भी पूरा नहीं
ममना पावर स्टेशन के लिए अलग लाइन बनाने का काम होते एक वर्ष गुजर चुके है। लेकिन अभी तक आधा भी काम पूरा नहीं हो सका है। इसके लिए 375.13 लाख से ट्रांसमिशन इस लाइन का काम करवा रहा है। राठ से आई इस लाइन पर छिबौली गांव तक करीब 15 किमी ही खंभे गाडे जा सके है। वहीं सात किमी तक ही तार डाले जा सके है। इस मामले में अवर अभियंता निरंजन चौधरी का कहना है कि इस लाइन को पूरा करने में धन आडे आ रहा है। इसीलिए ट्रांसमिशन इस काम को बंद किए है। बताया कि  सरीला कसबे में 132केवी पावर उपकेंद्र व सबस्टेशन का प्रस्तावित है। जमीन मिलने के बाद भूमि पूजन हो चुका है। 132 केवी के लिए 4235.35 लाख की लागत से कार्य कराया जाना है।
विज्ञापन

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें