मंगलवार को दोपहर एक बार फिर भूकंप के झटके महसूस होने से लोग खौफजदा हो गए। कार्यालयों, स्कूलों व घरों से लोग निकलकर सड़कों पर आ गए। कई जगह दीवार फटने की जानकारी मिली है। मौदहा में छत गिरने से एक मजदूर की मौत हो गई तो सुमेरपुर कसबे में क्रय विक्रय सहकारी समिति के जर्जर भवन की एक दीवार में दरारें पड़ गई।
धरती के नीचे लगातार हो रही हलचलों से भूकंप के हालात बने हुए हैं। बीते 25 अप्रैल को नेपाल में आए विनाशकारी भूकंप के चलते देश के कई क्षेत्रों में तेज झटके महसूस किए गए। तब दीवार गिरने से एक महिला की मौत हो गई थी।
सत्रह दिन बाद मंगलवार को दोपहर 12:35 बजे भूकंप के झटके महसूस किए गए। जिसकी तीव्रता 4.5 मापी गई। भूकंप के झटके महसूस होते ही लोगों में दहशत छा गई। कार्यालयों में काम कर रहे अधिकारी व कर्मचारी बाहर निकल आए, वहीं स्कूलों में भी बच्चे मैदान पर आ गए।
खौफजदा लोग अपने घरों को छोड़कर रास्ते पर आ गए। मौदहा प्रतिनिधि के अनुसार, कस्बे के फत्तूबाबा मोहल्ला में नगर पालिका परिषद के नवनिर्मित एक शवदाह गृह की स्लेब खोलते समय भूकंप के झटकों से इमारत भरभराकर ढह गई।
स्लेब खोल रहा उरदना गांव निवासी मजदूर महेश (35) पुत्र रामपाल मलबे में दब गया। जबकि साथी मजदूर रामचरन भाग निकला। सूचना पर प्रशासन ने मलबे को साफ कराकर महेश को बाहर निकाला। मृतक की भाभी रामादेवी के कहने पर लोग महेश को सीएचसी ले गए जहां चिकित्साधीक्षक डा.अनिल सचान ने उसे मृत घोषित कर दिया।
उपजिलाधिकारी प्रवीणा अग्रवाल ने इस मामले में कहा कि यह घटना भूकंप के कारण हुई है। साथ ही कहा, लगता है निर्माण भी घटिया कराया गया है। इसकी जांच कराने के बाद संबंधित विभाग पर कार्रवाई करेंगी।