जिला अस्पताल में मृतक की मौसी व मौसेरे भाई से जानकारी लेती पुलिस।
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क्षयरोग से पीड़ित युवक ने बीती रात यमुना पुल से नदी में छलांग लगाकर आत्महत्या कर ली। करीब 12 घंटे की मशक्कत के बाद कोतवाली पुलिस ने मछुवारों की मदद से शव ढूंढ निकाला। इकलौते पुत्र की मौत के बाद से परिजनों में कोहराम मच गया है।
बुधवार रात करीब साढ़े नौ बजे एक युवक को यमुना नदी की रेलिंग पर बैठे कुछ लोगों ने देखा लेकिन जब तक लोग कुछ समझ पाते कि युवक ने नदी में छलांग लगा दी। सूचना मिलते ही कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची। जहां पुलिस ने मछुवारों की मदद से रात में ही खोजने का प्रयास किया। मगर उन्हें कोई सफलता नहीं मिली।
गुरुवार सुबह कोतवाली के एसआई गोपाल अवस्थी ने मछुवारों की मदद से संगमहेश्वर घाट से ढूढंते यमुना पुल की ओर आए। जहां पुल के नीचे किनारे की ओर पत्थर से लगा उसका शव बरामद हुआ। पुलिस ने बताया कि उसकी जेब से मिले आधार कार्ड से रामवीर उर्फ राजाबाबू (28) पुत्र रामू विश्वकर्मा निवासी दपसौरा थाना चांदपुर जनपद फतेहपुर के रूप में की गई।
मृतक की मौसी माया पत्नी रामप्रकाश निवासी इंगोहटा ने बताया कि दो साल से रामवीर टीवी रोग से पीड़ित था। उसके पिता लालगंज रायबरेली में रहकर व्यापार करते हैं। रामवीर के चाचा गांव में रहते हैं और वह उन्हें अपनी सारी जमीन बेच चुका है। जिससे वह एक स्थान पर नहीं रहता था।
कई महीनों से वह चित्रकूट के एक होटल में खाना बनाने का काम कर रहा था। बीते मंगलवार को वह इंगोहटा गांव आया था। बुधवार सुबह रामवीर ने बहन के घर चंदनापुर औरेया जाने को कहा था। जिस पर उसके बेटे प्रवीण ने रामवीर को रोडवेज बस में हमीरपुर के लिए बैठा दिया था। उसके बाद वह हमीरपुर में उतर गया और उसने यमुना नदी में बने पुल से छलांग लगाकर आत्महत्या कर ली। एसआई गोपाल अवस्थी ने बताया कि शव का पोस्टमार्टम शुक्रवार को कराया जाएगा।