बुधवार को जिले भर में मकर संक्रांति का पर्व श्रद्धा
के साथ मनाया गया। श्रद्धालुओं ने नदियों, तालाबों और पोखरों में डुबकी
लगाई। इसके बाद तिल, गुड़, चावल, दाल का दान किया। हालांकि ज्यादातर लोग
गुरुवार को त्योहार मनाएंगे।
मकर संक्रांति पर यमुना-बेतवा नदी के संगम तट पर श्रद्धालुओं की खासी भीड़ रही।
तड़के
से ही लोगों का पहुंचना शुरू हो गया। भीषण ठंड के बीच श्रद्धालुओं ने
डुबकी लगाकर दान दिया। शहर के यमुना घाटों पर लोगों ने स्नान किया।
चौरादेवी, गिरान घाट, सिंहमहेश्वर मंदिर, हाथी दरवाजा, फक्कड़ कुटी, पुराना
यमुना घाट पर स्नान करने बड़ी संख्या में लोग पहुंचे।
पातालेश्वर
मंदिर में श्रद्धालुओं की खासी भीड़ रही। पक्के घाटों की सफाई न होने से
लोगों में मायूसी रही। फक्कड़ कुटी में लगे मेला में महिलाओं और बच्चों ने
खरीददारी की। किंग रोड पर नवयुवक मंडल ने पंडाल लगाकर रामधुन के बीच
श्रद्धालुओं को खिचड़ी खिलाई।
ज्योतिषाचार्य पं. दिनेश दुबे ने
बताया कि गुरुवार को प्रात: 6:43 बजे से सूर्यास्त 5:17 बजे तक स्नान का
पुण्यकाल रहेगा। शास्त्रों के अनुसार स्नान दान को प्रात:काल में शुभ माना
गया है। इसलिए लोग प्रात:काल में पवित्र नदियों या फिर सरोवरो में स्नान कर
खिचड़ी पर्व पर मूंग की दाल मिश्रित चावल की खिचड़ी, गुड़ तिल के बने
लड्डू, वस्त्र, द्रव्य के साथ किसी ब्राह्मण अथवा सुपात्र व्यक्ति को दान
करें। सूर्य देवता से जन कल्याण की कामना करें।