सरकारी सेवाएं गुणवत्तापूर्ण, पारदर्शिता और विश्वसनीयता के साथ आम लोगों
तक पहुंचने के लिए जिले के प्रत्येक गांव में कॉमन सर्विस सेंटर खोला
जाएगा। भारत सरकार की यह सेवा ग्रामीण स्तर पर स्वरोजगार का अवसर भी प्रदान
करेंगी। साथ ही भ्रष्टाचार पर लगाम लगाएगी।
गवर्नमेंट टू सिटीजन
जी2सी सेवाओं के अंतर्गत पासपोर्ट, पेन कार्ड, आईआरसीटीसी रेलवे आरक्षण,
जन्म प्रमाण पत्र सेवा, स्वावलंबन योजना, आधार कार्ड, कृषि योजना,
स्वास्थ्य एवं शिक्षा संबंधी, बैंक से संबंधित वित्तीय सेवाएं, सामान्य एवं
जीवन बीमा सेवाओं के साथ-साथ बिजनेस टू सिटीजन बी2सी सेवाएं जैसे मोबाइल
एवं डीटीएच रीचार्ज़िग, मोबाइल, विद्युत व टेलीफोन बिल का भुगतान जैसी
लाभकारी सेवाएं एक ही स्थान पर कॉमन सर्विस सेंटर के माध्यम से आसानी से
उपलब्ध हो सकेंगी।
इसके अंतर्गत सेवा प्रदाता केंद्र संचालक को
निर्धारित मानक के अनुसार कमीशन दिया जाएगा। जिला सूचना विज्ञान अधिकारी
प्रशांत सिरोही ने बताया कि इन केंद्रों की स्थापना सिर्फ एक लैपटॉप,
प्रिंटर, स्कैनर और वेब कैमरा के साथ शुरू की जा सकती है।
कॉमन
सर्विस सेंटर की उपयोगिता, स्थापना एवं संचालन से संबंधित विस्तृत जानकारी
कलेक्ट्रेट स्थित एनआईसी केंद्र से प्राप्त की जा सकती है। बताया कि कॉमन
सर्विस सेंटर के माध्यम से इलेक्ट्रानिक तकनीकी का उपयोग करते हुए आमजन की
बुनियादी आवश्यकताएं पूरी होंगी।
इसके लिए संचार एवं सूचना
प्रौद्योगिकी विभाग भारत सरकार के नेशनल ई-गर्वनेंस प्लान के अंतर्गत कॉमन
सर्विस सेंटर की स्थापना देश के विभिन्न शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में की
जा रही है। वर्तमान में कॉमन सर्विस सेंटर की स्थापना का कार्य उप्र में
राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र एनआईसी के माध्यम से किया जा रहा है, ताकि
जनपद वासियों को सुविधा का लाभ मिल सकें।