अन्ना मवेशियों को खदेड़े जाने के मामले में खरेला पुलिस पर कोई कार्रवाई न होने से पिटे निर्दोष किसानों में मायूसी छाई है। शुक्रवार को पुलिस की लाठियां खाकर घायल हुए किसानों का कहना है कि अन्ना मवेशी किसानों के जी का जंजाल बने हैं। अब उन्हें पुलिस की लाठियां भी खानी पड़ रहीं। वहीं,
पुलिस की जांच की बात कह कर अपना पल्ला झाड़ने में लगी है। असल में शुक्रवार को पड़ोसी जनपद महोबा के ग्राम बसोठ के किसानों ने मवेशी हांककर ऐंझी के खेतों में कर दिए। इससे किसान अपना धैर्य खो बैठे। इधर, बसौठ के किसानाें की गलत सूचना पर पहुंची खरेला थाना पुलिस ने बिना जांच
पड़ताल किए ऐंझी केकिसानों पर लाठियां बरसा दीं। जिसमें पांच किसान चुटहिल हो गए। ऐंझी गांव के किसान बलबीर ने कहा कि अन्ना मवेशी हांककर लाने वाले लोगाें का विरोध करना महंगा पड़ा हैं। किसान बीरपाल ने बताया कि वह अपने खेताें की भी रखवाली नहीं कर पा रहा है। चुटहिल किसान
बलराम की पत्नी मीना देवी अपने बच्चों सहित खेतों की रखवाली में डटी मिली। उसका कहना है कि फसल नहीं बचेगी तो बेटी के हाथ कैसे पीले करेंगे। इस मामले में थानाध्यक्ष एमपी त्रिपाठी का कहना है कि कहा कि अभी घटना की जांच चल रही है। खरेला पुलिस को सूचना दे दी गई है।