पाराओझी में घटनास्थल पर लगी ग्रामीणों की भीड़।
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कोतवाली के पाराओझी गांव में 58 दिन पूर्व युवक की हत्या कर उसके भाई शव को घर में ही दफना दिया। झगड़े के पीछे आरोपी ने पुलिस को बताया उसका छोटा भाई शराब के नशे में गालीगलौज करता था। इसी से परेशान होकर उसने पहले उसे पत्थर मारकर घायल किया, बाद में गला दबाया। शनिवार को पीड़ित पिता-मां ने डीएम व एसपी से शिकायत की। जिस पर पुलिस हरकत में आई पूछताछ की तो मामला उजागर हुआ। पुलिस ने दफनाए गए युवक के शव को कब्जे में ले लिया है। घटनास्थल का एसपी हेमराज मीना और एएसपी एसके सिंह ने निरीक्षण किया।
पाराओझी गांव में काली प्रसाद के चार बेटे छलिया, बंदर, सुघर व सबसे छोटा बलराम (22) हैं। बलराम 28 मार्च से लापता होने पर पिता काली प्रसाद आए दिन अधिकारियों के यहां चक्कर लगाता रहा। शनिवार को वह डीएम व एसपी से मिला। तब हरकत में आई पुलिस ने तलाश तेज की। रात करीब आठ बजे गांव पहुंची पुलिस ने परिजनों से पूछताछ की। पुलिस की बातों में अविवाहित भाई सुघर फंस गया और सच्चाई उगल दी। सीओ अनुराग सिंह ने बताया पूछताछ में आरोपी सुघर ने छोटे अविवाहित भाई बलराम की हत्या कर शव को घर में ही दफनाने की बात स्वीकार की है।
कहा बलराम शराब पीकर घर में विवाद करता था। घटना के दिन वह शराब पीकर आया और विवाद में उसने उसके सिर में पत्थर मार दिया घायल होने पर उसने गला दबाकर मार डाला। घटना के समय घर में वह अकेले था। पुलिस ने बताया बलराम व सुघर अविवाहित हैं। जबकि छलिया व बंदर की शादी हो चुकी है। बंदर जनपद बांदा में अपनी ससुराल में रहता है। वहीं छलिया गांव में दूसरा घर बनाकर रह रहा है। गिरफ्तार आरोपी की निशानदेही पर दफनाए गए शव को कब्जे में ले लिया गया है। घटना को लेकर परिजनों में कोहराम मचा है।