मुख्यालय के मिश्राना मोहल्ला स्थित पातालेश्वर धाम मंदिर में महाशिवरात्रि के उपलक्ष्य में श्रीमद्भागवत कथा में कथावाचक पं.योगेंद्र तिवारी बाल व्यास योग ने सोमवार को श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं का रसपान कराया। उन्होंने बताया कि श्रीकृष्ण ने किस प्रकार बाल्य काल में ही अकासुर, वकासुर, पूतना आदि राक्षसों का वध किया था।
जो भगवान के चरित्र का श्रवण करते है, उन्हें भगवान स्वयं भवसागर से पार कराने में सहायता करते हैं। कथा के आयोजक रामदत्त पाठक, रघुवीर सिंह, भीष्मदेव, अरविंद पांडेय, देवीचरन मिश्रा सहित अन्य श्रद्धालु मौजूद रहे।
उधर मेरापुर स्थित सिंह महेश्वर मंदिर में चल रही श्रीमद्भागवत कथा में मैनपुरी की कथाव्यास श्रीश्री लताजी ने मथुरा के राजा कंस के अत्याचार व देवकी वासुदेव विवाह की कथा सुनाई।
उन्होंने बताया कि किस प्रकार कंस के अत्याचाराें से पूरी पृथ्वी त्राहि त्राहि करने लगी थी और तब भगवान श्रीकृष्ण ने अवतार लेकर कंस का वध किया था।
आयोजक श्री 108 दर्शनदास महाराज ने बताया कि कथा का आयोजन सभी ग्रामीणों के सहयोग से कराया जा रहा है। इसी प्रकार मुख्यालय के रमेड़ी में चल रही श्रीमद भागवत कथा का रविवार को समापन हो गया था। जिस पर सोमवार को कन्या भोज व विशाल गयाभोज किया गया।