पुलिस अधीक्षक से आवास पर मिलने जाते पुलिस के जवान
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हमीरपुर। साथी सिपाही की मौत पर सिपाहियों ने सोमवार की शाम पुलिस अधीक्षक आवास पर जाकर नाराजगी जताई। इसके बाद उनको पुलिस लाइंस स्थित सम्मेलन कक्ष में पहुंचने को कहा गया। सिपाहियों ने मृत सिपाही के परिजनों की ओर से मुकदमा दर्ज कराने की मांग की। एसपी ने पांच सिपाहियों के प्रतिनिधिमंडल को अंदर कक्ष में आने कहा। इस पर आक्रोशित सिपाहियों ने सभी के सामने बात करने की बात कही।
एसपी ने पुलिस लाइंस स्थित सम्मेलन कक्ष में बात करने को कह जाने दिया। शाम करीब छह बजे एसपी पुलिस लाइंस पहुंचे। सिपाहियों ने बताया कि उन्होंने मृतक सिपाही की पत्नी या अन्य परिजनों की तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज करने की बात कही। साथ ही मृतक सिपाही के दो परिजनों को नौकरी देने व मृतक आश्रित परिवार को एक करोड़ रुपये शासन से आर्थिक मदद देने की बात रखी।
गनर मनीष शर्मा की मौत से नाराज सिपाहियों के साथ घटना के वादी दूसरे गनर अरिमर्दन सिंह व गनर धीरेंद्र गुप्ता ने पुलिस सम्मेलन में एसपी मुनीराज जी को दिए शिकायतीपत्र में कहा कि आरक्षी मनीष शर्मा पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष गौरी मिश्रा का गनर था। जिसकी संदिग्ध परिस्थितयों में गोली मारकर हत्या कर दी गई। कहा कि इसके संबंध में 27 मार्च को कोतवाली में सम्यक धाराओं में अभियोजन न पंजीकृत कर मात्र औपचारिकता पूर्ण की गई। इस मामले में पुलिस अधीक्षक मुनीराजजी ने कहा कि जवानों में बगावत जैसी कोई बात नहीं है। वह विभाग के मुखिया हैं। सिपाही अपनी समस्याएं सुनाने आए थे। बताया कि उनकी हर समस्या का समाधान किया जाएगा।