विकास कार्यों की समीक्षा बैठक में न आने वाले चार
अधिकारियों से डीएम संध्या तिवारी ने सीडीओ को स्पष्टीकरण मांगने के
निर्देश दिए है। साथ ही मुख्य पशु चिकित्साधिकारी के खिलाफ प्रमुख सचिव को
लिखित कार्रवाई करने को कहा है।
बुधवार को कलेक्ट्रेट सभागार में
डीएम ने विकास कार्यों की समीक्षा की। मनरेगा की समीक्षा में कहा कि एपीओ
मुस्करा आदित्य कुमार अवस्थी, राठ के चंद्रा वर्मा और कुरारा के
रुद्रप्रताप सिंह का कार्य संतोषजनक नहीं है। इन्हें पहले भी नोटिस दी जा
चुकी है।
अब इनकी सेवाएं समाप्त करने के लिए सीडीओ एबी सिंह को
निर्देश दिए हैं। साथ ही स्वास्थ्य विभाग के अस्पतालों के निर्माण कार्यों
की गुणवत्ता को परखने को लगाए गए अवर अभियंता एसआर प्रसाद पर कार्य में
रुचि न लेने पर प्रतिकूल प्रविष्टि दिए जाने के निर्देश दिए।
सीएमओ
को निर्देशित किया कि जेई के खिलाफ शासन को भी पत्र लिखें। कौशल विकास
योजना में 1462 लाभार्थियों को प्रशिक्षित किए जाने के सापेक्ष अभी तक 162
लाभार्थी ही प्रशिक्षित किए गए हैं।
चार केंद्रों के निरीक्षण में
हमीरपुर और सुमेरपुर संचालित मिले, जबकि मौदहा और राठ बंद पाए गए। इसके
चलते डीएम ने इस योजना में लगे दोनों कर्मचारियों की संविदा सेवाएं समाप्त
करने के निर्देश दिए। संविदा कर्मी रामलली विकलांग कल्याण विभाग कार्यालय
में लगातार अनुपस्थित रहने के कारण दिसंबर का वेतन रोकने और संविदा समाप्त
कर दूसरे कर्मचारी की तैनाती करने के निर्देश दिए।
विकलांग विभाग
के वरिष्ठ लिपिक गोरेलाल भी बिना अवकाश गैर हाजिर चल रहे है। शिक्षा विभाग
की समीक्षा में ड्रेस वितरण में 116 बच्चों के सापेक्ष 41 बच्चों को ड्रेस
वितरण की गई, जबकि अभी तक सभी बच्चों को ड्रेस वितरण हो जानी चाहिए थी।
स्वास्थ्य
विभाग की समीक्षा में राष्ट्रीय अंधता निवारण की प्रगति शून्य मिली। डीएम
ने कहा कि उनके संज्ञान में आया है कि स्वास्थ्य विभाग के कर्मी अपने
रिश्तेदारों की गाड़ियां विभाग में अनुबंध कर चलवा रहे है। डीएम ने ऐसे
वाहनों का भुगतान न किए जाने के निर्देश दिए है। साथ ही कहा कि भुगतान
उन्हीं गाड़ियों का करें, जिनके पास टैक्सी परमिट हो।