हमीरपुर। अवमानना के एक मामले में सोमवार को जिला उपभोक्ता फोरम के अध्यक्ष रामकैलाश ने लघु सिंचाई विभाग के अधिशाषी अभियंता को दो वर्ष की कैद और पांच हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।
सुमेरपुर थानाक्षेत्र के पचखुरा खुर्द निवासी लल्लू सिंह ने लघु सिंचाई विभाग के जरिये नलकूप की बोरिंग कराई थी, लेकिन बोरिंग फेल होने पर किसान ने विभाग में प्रार्थना पत्र दिया। विभाग की ओर से दोबारा बोरिंग न करने पर उसने फोरम न्यायालय में वाद दायर कर दिया था।
जिस पर 16 नवंबर 2009 को लघु सिंचाई विभाग के अधिशाषी अभियंता व परियोजना प्रबंधक यूपीपीसीएल बांदा के खिलाफ दो माह के अंदर बोरिंग कराने का आदेश का फैसला फोरम ने सुनाया। मगर उस समय विपक्षियों ने राज्य उपभोक्ता फोरम आयोग लखनऊ में अपील दाखिल कर दी।
जिस पर विपक्षियों को यथास्थित बनाए रखने का स्टे मिल गया। इस प्रकरण पर कोई कार्रवाई नहीं हो सकी। उसके बाद विपक्षी लघु सिंचाई विभाग की अपील 10 अक्तूबर 2017 को खारिज हो गई। इसके बाद फोरम ने कारण बताओ नोटिस जारी किया।
जिसका विपक्षी ने फोरम के निर्णय का अनुपालन नहीं किया। सोमवार को अवमानना वाद की सुनवाई करते हुए फोरम अध्यक्ष रामकैलाश व सदस्या हुमैरा फात्मा उस्मानी की पीठ ने लघु सिंचाई विभाग के मौजूदा अधिशाषी अभियंता विजय शंकर को दो वर्ष का कारावास व पांच हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड न देने पर छह माह अतिरिक्त कारावास की सजा भी भोगनी पड़ेगी।
अवमानना के मामले में जिला उपभोक्ता फोरम ने सुनाया फैसला
अमर उजाला ब्यूरो