अमर उजाला ब्यूरो
हमीरपुर। सुमेरपुर थानाक्षेत्र के देवगांव में बहू को ससुर ने केरोसिन डालकर मार डालने के मामले में शुक्रवार को चतुर्थ अपर जिला एवं सत्र न्यायालय/विशेष न्यायाधीश शैलोज चंद्रा ने दोषी ठहराया। अदालत ने ससुर को उम्रकैद की सजा सुनाई। न्यायालय ने दोषी पर 25 हजार रुपये अर्थदंड भी सुनाया।
शासकीय अधिवक्ता शैलेष स्वरूप चौरसिया ने बताया कि बांदा जनपद के जसपुरा थानाक्षेत्र के आमरा गांव निवासी वादी सुनील कुमार ने 30 नवंबर 17 को सुमेरपुर थाने में तहरीर दी थी। उसकी बहन रामश्री का विवाह सुमेरपुर थानाक्षेत्र के देवगांव निवासी रमेश कुमार के पुत्र भूपेंद्र के साथ सात वर्ष पूर्व हुआ था। बताया कि भूपेंद्र ने टीबी की बीमारी से ऊबकर घटना के डेढ़ साल पूर्व आत्महत्या कर ली थी। रामश्री अपने दोनों बच्चों के साथ ससुराल में रह रही थी। वादी ने बताया कि ससुर रमेश, देवर धर्मेंद्र व ननद पूनम रामश्री को परेशान कर घर से निकालने की धमकी देते थे। सुनील को 20 नवंबर 2017 को जानकारी मिली कि उसकी बहन पर के रोसिन डालकर आग लगा दी है। 20 नवंबर की रात धर्मेंद्र ने रामश्री को जिला अस्पताल में भर्ती कराया।
29 नवंबर को इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। 21 नवंबर को रामश्री ने तहसीलदार को मृत्यु पूर्व बयान में ससुर रमेश द्वारा मारपीट कर आग लगाने की बात कही थी। इसी आधार पर न्यायालय में ससुर के खिलाफ चार्ज शीट दाखिल की गई। न्यायालय में 28 जुलाई 2018 को विचारण को मामला आया। न्यायालय द्वारा प्रतिदिन वाद की सुनवाई के लिए लाया गया। अभियोजन द्वारा प्रतिदिन न्यायालय में साक्ष्य प्रस्तुत किए गए। ससुर पर दोष सिद्ध पाते हुए शुक्रवार को चतुर्थ अपर जिला एवं सत्र न्यायालय/विशेष न्यायाधीश शैलोज चंद्रा ने उम्रकैद की सजा सुनाई। न्यायालय ने दोषी पर 25 हजार रुपये अर्थदंड भी सुनाया।
-न्यायालय ने चार्जशीट दाखिल होने के बाद 34 दिन में सुनाया फैसला