करीब चार वर्ष पूर्व सिसोलर में दहेज के लिए केरोसिन डालकर विवाहिता की हत्या के मामले में बुधवार को अपर सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक कोर्ट फर्स्ट ब्रह्मतेज चतुर्वेदी ने पति को दोषी पाए जाने पर चार साल दो माह के कारावास व 10 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। वहीं नाबालिग देवर का मुकदमा किशोर न्यायालय में विचाराधीन है।
न्यायालय के शासकीय अधिवक्ता आनंद कुमार सक्सेना ने बताया कि बांदा जिले के अतर्रा थानाक्षेत्र के महोटरा निवासी रामचंद्र ने पुत्री आशा की शादी 28 जून 2012 को सिसोलर के रामआसरे के पुत्र नीरज से की थी।
शादी के बाद से ससुरालीजन विवाहिता को दहेज के लिए प्रताड़ित करने लगे। पिछले छह मार्च 2014 को इन लोगों ने आशा पर केरोसिन डालकर जला दिया था। आशा के पिता ने दामाद व उसके भाई के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था।
बुधवार को मामले की सुनवाई के बाद अपर सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक कोर्ट फस्ट ब्रह्मतेज चतुर्वेदी ने आरोपी पति को चार साल दो माह का कारावास व 10 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। वहीं आरोपी नाबालिग देवर का मुकदमा किशोर न्यायालय में विचाराधीन है।
दहेज हत्या में पति को चार साल दो माह की सजा
चार साल पहले सिसोलर में केरोसिन डालकर विवाहिता को जला दिया था