अमर उजाला ब्यूरो
गोहांड (हमीरपुर)। थाना जरिया के गांव इटौरा में राठ कोतवाली के दारोगा व ग्रामीणों के बीच हुए विवाद में पांच लोगों पर नामजद और एक दर्जन अज्ञात लोगों पर मामला दर्ज किया गया है। पुलिस की इस कार्रवाई को लेकर लोगों में असंतोष है। ग्रामीणों का कहना है कि पुलिस ने दारोगा को निलंबित कर खानापूरी कर ली है और उसके खिलाफ हल्की फुल्की धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। पुलिस के डर से आरोपी ग्रामीण बचते घूम रहे हैं।
कस्बे से मात्र दो किमी दूर करीब 500 आबादी वाले इटौरा हालांकि शांतिप्रिय गांव माना जाता है। गुरुवार की रात की घटना ने गांव को चर्चित कर दिया। चर्चा है कि राठ कोतवाली के दारोगा मयंक कुमार सिंह का हल्के से दूर गांव इटौरा के एक घर में आना जाना था। किसी शंका के तहत मोहल्ले के लोगों ने आवाजाही पर विरोध जताया। इस पर दारोगा ने गुरुवार रात महिलाओं से अभद्रता की और उत्पात मचाया। ऐसे में जमकर विवाद हुआ। दारोगा की शिकायत करने गए पीड़ित पक्ष के लोगों को ही थाना जरिया पुलिस ने आरोपी बना दिया। रिपोर्ट में एक दर्जन अज्ञात ग्रामीण भी आरोपी बनाए गए हैं।
गांव के अधिकांश युवक पुलिस के भय से गांव छोड़ चुके हैं। ग्रामीणों ने दबी जुबान से आरोपी युवकों एवं अन्य ग्रामीणों को निर्दोष बताया। इनका कहना था कि अगर युवकाें का दोष होता तो वे उसी रात थाना जरिया दारोगा की हरकतों की सूचना देने नहीं पहुंचते। गांव इटौरा पहुंचे किसान नेता रामपाल सिंह चिकासी ने ग्रामीणों पर संगीन धाराओं में मुकदमा कायम करने को न्यायसंगत नहीं कहा है। बताया कि जेल भेजे गए युवक वीर सिंह व दरोगा के बीच घटना के पहले हुई मोबाइल कॉल डिटेल से हकीकत सामने आ सकती है। फिलहाल गांव में सन्नाटा पसरा हुआ है और लोग जुबान खोलने से डर रहे हैं। हालांकि शनिवार को भी सीओ सरीला राजनीश कुमार उपाध्याय ने अपने मातहतों के साथ गांव का दौरा कर शांति बनाए रखने को कहा तथा निर्दोषों को भयभीत न होने की बात कही।
-पुलिस की कार्रवाई को लेकर लोगों में असंतोष