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22,465 विद्यार्थियों को नहीं मिलेगा वजीफा

Fri, 24 Jul 2015 12:15 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला/हमीरपुर
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जिले में दशमोत्तर के 22,465 विद्यार्थियों की छात्रवृत्ति पाने की उम्मीद समाप्त हो गई है। शासन स्तर पर हुई जांच में कमियां मिलने पर आवेदन निरस्त कर दिए गए हैं। ऐसे विद्यार्थियों को अब शैक्षिक सत्र 2014-15 का वजीफा नहीं मिल पाएगा।
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दशमोत्तर छात्रवृत्ति योजना के तहत कक्षा 11 व उससे आगे की पढ़ाई करने वाले छात्र-छात्राओं को छात्रवृत्ति मिलती है। सामान्य व अनुसूचित जाति के विद्यार्थियों को समाज कल्याण विभाग छात्रवृत्ति देता है।

अल्पसंख्यक वर्ग के छात्रों को अल्पसंख्यक कल्याण विभाग और अन्य पिछड़ा वर्ग के विद्यार्थियों को पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग से लाभ मिलता है। शैक्षिक सत्र 2014-15 में जिले के 34,594 विद्यार्थियों ने छात्रवृत्ति के लिए ऑनलाइन आवेदन किया था।
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इन आवेदनों की पहले कॉलेज स्तर पर जांच हुई। फिर समाज कल्याण विभाग ने आवेदन जांचे और इसके बाद आवेदन शासन को प्रेषित कर दिए। शासन स्तर से आवेदनों की 29 बिंदुओं पर जांच की गई।

जिसमें 22,465 विद्यार्थियों के आवेदनों में कमियां पाई गईं। इसके चलते इन आवेदनों को निरस्त कर दिया गया। इससे विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति मिलने की उम्मीद समाप्त हो गई है।

फॉर्म निरस्त होने से कॉलेज व विभाग एक दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगा रहे हैं। इसका खामियाजा विद्यार्थियों को भुगतना पड़ रहा है। अल्पसंख्यक व पिछड़ा वर्ग के आवेदनों की जांच प्रक्रिया चल रही है।

समाज कल्याण अधिकारी मुक्तेश्वर नाथ चौबे ने कहा कि वर्ष 2014-15 में दशमोत्तर छात्रवृत्ति के तहत 22 हजार 465 आवेदन शासन स्तर पर हुई जांच में निरस्त कर दिए गए हैं।

इन विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति का लाभ नहीं मिलेगा। वहीं चालू वर्ष में अनुसूचित वर्ग के 2428 छात्रों के आवेदन गलत पाए गए है। शासन से सूची आई है। यह सूची कॉलेजों को भेजी जा रही है। 
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