भरुआसुमेरपुर। कस्बे के स्टेट बैंक के मुख्य गेट पर गुरुवार को हुई 72 हजार रुपयों की टप्पेबाजी के मामले में 24 घंटे बीतने के बाद भी पुलिस के हाथ खाली है। घटना को गंभीरता से लेते हुए एसपी व एएसपी करीब चार घंटे थाने में रहकर घटना की बारीकियों के बारे में साक्ष्य जुटाते रहे। घटना के खुलासे के लिए एसपी ने थानाध्यक्ष के साथ स्वॉट टीम को भी लगाया है।
गुरुवार को हरियाणा मोटर्स के मालिक गौरव द्विवेदी ने अपने दुकान के नौकर कुलदीप व नितिन को 1.26 लाख रुपये देकर बैंक में जमा करने को भेजा था। जहां नितिन बैंक में लाइन पर लग गया। जबकि कुलदीप बैंक के बाहर लघुशंका करने के लिए निकल आया। लघुशंका कर वह जैसे ही वापस बैंक के अंदर जाने को हुआ।
तभी दो युवकों ने उसकी एक जेब में पड़े 72 हजार रुपये निकाल लिए। कुलदीप ने बताया कि उसने शोर मचाया तब तक लुटेरे सफेद अपाचे बाइक में बैठ कर फरार हो गए। थानाध्यक्ष गिरेंद्र पाल सिंह ने पुलिस फोर्स के साथ स्टेट बैंक के सीसीटीवी फुटेज खंगाले। सीसीटीवी फुटेज बेहद घटिया होने से टप्पेबाजों के चेहरे नहीं पहचान सके। पुलिस ने बदमाशों को पकड़ने के लिए चारो तरफ नाकेबंदी कर सिपाहियों को दौड़ाया मगर आरोपी पुलिस के हाथ नहीं लग सके।
घटना के खुलासे को लेकर एसपी हेमराज मीना, एएसपी एसके सिंह व सीओ सदर ओमकार यादव दोपहर करीब 12 बजे थाने पहुंचे। जहां चार घंटे रहकर साक्ष्य जुटाते रहे। उधर बैंक के मुख्य गेट पर हुई घटना के बाद से व्यापारियों में दहशत है।
व्यापारियों ने मांग की है कि बैंक में अच्छे किस्म के सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएं और बैंक के आसपास सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई जाए। एसपी ने लूट की घटना को इंकार कर इसे टप्पेबाजी बताया है। कहा कि घटना में कुल 72 हजार रुपये गए हैं। जिसकी जांच की जा रही है। बताया कि घटना के खुलासे के लिए स्वॉट टीम को भी लगाया गया है।