हमीरपुर। बिवांर थानाक्षेत्र के टीहर गांव में शराब के लिए रुपये न देने पर पत्नी जलाकर मौत के घाट उतारने के मामले की सुनवाई अपर सत्र न्यायाधीश एफटीसी फर्स्ट ब्रह्मतेज चतुर्वेदी की अदालत में हुई। जिसमें अभियुक्त को दोषी पाए जाने पर कोर्ट ने उसे 10 साल कैद की सजा सुनाई है।
शासकीय अधिवक्ता आनंद कुमार सक्सेना व अल्ताफ हुसैन ने बताया मौदहा थानाक्षेत्र के रतवा गांव निवासी सीताराम ने अपनी पुत्री अखिलेश की शादी बिवांर थानाक्षेत्र के टीहर गांव निवासी प्रमोद उर्फ मुलायम के साथ की थी।
बताया 30 जनवरी 2016 को देर शाम अभियुक्त ने अपनी पत्नी अखिलेश को कमरे बंद कर जला दिया था। मृत्यु से पूर्व अस्पताल में अखिलेश ने मजिस्ट्रेट को बयान दिए। जिसमें बताया उसका पति प्रमोद उर्फ मुलायम शराब पीने के लिए रुपये मांग रहा था। पैसा न होने के कारण उसने केरोसिन डालकर उसे जला दिया।
एक फरवरी 2016 को तड़के तीन बजे इलाज दौरान महिला की मौत हो गई। उसके पिता सीताराम ने बिवांर थाने में पति के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था।
न्यायालय ने मृतका के मृत्यु पूर्व दिए बयान व डॉक्टर की मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर अपर सत्र न्यायाधीश एफ टीसी फर्स्ट ब्रह्मतेज चतुर्वेदी ने अभियुक्त प्रमोद उर्फ मुलायम को 10 साल के कैद की व 10 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।
शराब के लिए रुपये न देने पर पति ने की थी घटना
अमर उजाला ब्यूरो