तीन साल पहले चिकासी थानाक्षेत्र के एक गांव की महिला के साथ तमंचा लगाकर बलात्कार के मामले की सुनवाई शनिवार को अपर सत्र न्यायाधीश एफटीसी फस्ट ब्रम्हतेज चतुर्वेदी की अदालत में हुई। अदालत ने दोषी को दस वर्ष की सजा सुनाई। साथ ही 15 हजार रुपये अर्थदंड सुनाया। जुर्माना अदा न करने पर चार वर्ष अतिरिक्त कारावास की सजा सुनाई।
शासकीय अधिवक्ता आनंद कुमार सक्सेना व लोकभूषण राजपूत ने बताया कि 28 मई 2015 की सुबह पीड़िता खेत में काम कर रही थी। तभी पानी पीने के लिए वह खेत में बनी मडइया पर गई।
वहीं इस्लामपुर गांव का सेवाराम लोधी ने पीड़िता को पकड़कर तमंचा दिखाकर बलात्कार किया। साथ ही किसी को कुछ बताने पर जान से मारने की धमकी दी। बताया कि सेवाराम पर कई आपराधिक मामले चल रहे हैं उसे अदालत एक मामले में भी सजा भी सुना चुकी है।
जिसके भयवश पीड़िता ने रिपोर्ट में उसके खिलाफ छेड़खानी की बात बताई थी, लेकिन परिवार व पुलिस के सहयोग से पीड़िता ने भयमुक्त होकर पुलिस व न्यायालय को रेप की बात बताई थी। मुकदमे में धारा 354 के साथ 376 की धारा बढ़ाई गई। आरोपी पर दोष सिद्ध होने पर उसे सजा सुनाई गई।
दुराचार के दोषी को दस वर्ष की कैद
15 हजार का जुर्माना भी लगाया गया