हमीरपुर। एक माह पूर्व परसनी मोराकांदर के चौकीदार का मिले शव मामले में नया मोड़ आ गया है। मामले में मृतक के पुत्र ने उच्च न्यायालय इलाहाबाद में याचिका प्रस्तुत कर मामले की सीबीआई जांच कराने व शव का दोबारा पोस्टमार्टम किए जाने की मांग की।
इस पर न्यायालय ने आदेश में कहा कि सीबीआई जांच के लिए प्रदेश सरकार गौर करे और शव को 48 घंटे के अंदर दोबारा पांच डाक्टरों के पैनल से पोस्टमार्टम कराया जाए। उधर इस घटना को लेकर प्रदर्शन करने वालों के खिलाफ कोतवाली में दर्ज मुकदमे के विरुद्ध बृजेश व अन्य पांच लोगों ने उच्च न्यायालय में याचिका दाखिल की। जिस पर न्यायालय ने चार्जशीट दाखिल होने तक गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है।
परसनी गांव निवासी चौकीदार चांद खां का पिछले 18 मई की शाम ललपुरा थाने से कुछ दूरी पर सड़क किनारे संदिग्ध हालात में शव मिला था। चौकीदार के पुत्र बबलू ने बताया कि उसके पिता 17 मई को ललपुरा थाने गए थे। तबसे लौटे नहीं थे। अगले दिन उनका शव मिला। उस वक्त परिजनों ने घटना को संदिग्ध बताते हुए हत्या किए जाने की आशंका जाहिर की थी। परिजनों ने घटना की सीबीआई जांच कराने की मांग की थी।
साथ ही परिजनों व अन्य लोगों के साथ जाम लगाकर विरोध प्रदर्शन किया। मुख्यालय में हुए पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण स्पष्ट न होने पर विसरा को सुरक्षित कर जांच को भेजा गया था। उधर जाम लगाकर सरकारी कार्य में बाधा डालने को लेकर बृजेश बादल समेत 50 लोगों के खिलाफ कोतवाली में मुकदमा दर्ज किया गया था।
मृतक के पुत्र बबलू ने इस मामले में उच्च न्यायालय प्रयागराज में याचिका प्रस्तुत कर सीबीआई से जांच करवाने व शव का दोबारा पोस्टमार्टम कराए जाने की मांग की। जिस पर 17 जून को न्यायालय के न्यायमूर्ति ने याचिका को स्वीकार कर आदेश दिया कि शव का पुन: पोस्टमार्टम पांच डाक्टरों के पैनल से कराया जाए।
उधर मुकदमे में नामित बृजेश बादल व अन्य पांच ने भी याचिका प्रस्तुत की जिसमें न्यायमूर्ति ने आदेश में कहा कि जब तक मामले की चार्जशीट न्यायालय में प्रस्तुत नहीं हो जाती तब तक आरोपी बनाए गए लोगों की गिरफ्तारी न की जाए।
चौकीदार के बेटे की याचिका पर उच्च न्यायालय ने दिया आदेश
जाम लगाने वाले प्रदर्शनकारियों की गिरफ्तारी पर भी लगाई रोक
एक माह पूर्व परसनी मोराकांदर के चौकीदार की हुई थी संदिग्ध हालात में मौत
अमर उजाला ब्यूरो