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सीबीआई ने अवैध खनन मामले में की छापामारी

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हमीरपुर। सपा सरकार में हुए अवैध खनन की जांच करने सीबीआई टीम बुधवार को फिर मुख्यालय आई। टीम ने सपा एमएलसी रमेश मिश्रा, उनके भाई, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष के चाचा और अन्य मौरंग कारोबारियों के आवासों पर ताबड़तोड़ छापा मारा। यह सब इतना गुपचुप तरीके से हुआ कि टीम के जाने के बाद पड़ोसियों को भनक लगी।
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बुधवार को सपा एमएलसी रमेश मिश्रा के गांव इमिलिया और जिला मुख्यालय स्थित आवास में सीबीआई टीम ने कई घंटे छानबीन की। टीम ने पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष संजय दीक्षित के चाचा राकेश दीक्षित के राठ स्थित आवास पर भी छापा मारा।

इसके बाद सीबीआई ने मौरंग कारोबारी अशोक सचान के कलौलीतीर गांव स्थित ट्यूबवेल पर गई। वहां उनके भाई से पूछताछ की। सीबीआई ने अवैध मौरंग खनन मामले में इसी साल जनवरी में आईएएस अधिकारी बी. चंद्रकला, एमएलसी रमेश मिश्रा, उनके भाई दिनेश मिश्रा, अशोक सचान, खनन अधिकारी मुईनउद्दीन, संजय दीक्षित, सत्यदेव दीक्षित समेत 11 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था।
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सपा सरकार में जिले में तैनात रही तत्कालीन डीएम बी. चंद्रकला ने तैनाती के समय मौरंग कारोबारी रमेश मिश्रा को नियमों की अनदेखी कर 47 मौरंग खनन के पट्टे किए थे। इसके बाद 13 और पट्टे जारी किए गए थे, जिन्हें कुछ समय बाद हाईकोर्ट ने रद्द कर दिया था। मौरंग के ये पट्टे नियमों के विरुद्ध थे, जबकि ई टेडरिंग से मौरंग के पट्टे देने का प्रावधान था।

इसी तरह पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष संजय दीक्षित की मां माया देवी के नाम पर भी कई मौरंग खनन के पट्टे थे। अवैध खनन मामले के याचिकाकर्ता विजय कुमार द्विवेदी एडवोकेट ने बताया कि सभी पट्टे गलत तरीके से किए गए थे, जिन्हें हाईकोर्ट ने रद्द कर दिया था। जिले में अवैध खनन की सीबीआई जांच के आदेश हाईकोर्ट ने करीब ढाई साल पहले दिया था। अब तक कई बार सीबीआई टीम जिला मुख्यालय आकर पूछताछ कर चुकी है।
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एमएलसी रमेश मिश्रा, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष के चाचा के घर भी चला सीबीआई का सर्च अभियान
अमर उजाला ब्यूरो
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