शहरी गरीब भी पक्के मकानों पर रह सकेंगे। आसरा योजना से मकान बनाने का सपना पूरा होगा। सीएंडडीएस कार्यदाई संस्था गरीबों को मकान बनाकर देगी। फिलहाल जिले के चार कस्बों के 1444 लाभार्थियों ने डूडा में आवेदन जमा किए हैं। गरीबों के मकान बनाने के साथ अवस्थापना पर भी खर्च किया जाएगा। इसमें 80 करोड़ रुपये का खर्च आएगा।
रोटी, कपड़ा और मकान की जरूरत हर व्यक्ति को होती है। यदि मकान की बात करें और वह भी पक्का तो गरीब का सपना पूरा हो जाता है। ऐसे ही चार कस्बों के 1444 बीपीएल परिवारों को पक्के मकान मिलने की उम्मीद बंधी है।
एक मकान में किचिन, शौचालय, कमरा व बरामदा बनेगा। इसमें 3.94 लाख रुपये की लागत आएगी। हालांकि बनने वाले मकान संबंधित गरीब की जमीन पर ही बनेगा।
इसके लिए जिले में जिला नगरीय अभिकरण ने आसरा योजना के अंतर्गत खाका तैयार क र सूडा को भेजा है। आसरा में पक्के मकान बनाने पर 56 करोड़ 89 लाख 36 हजार रुपये खर्च आएगा।
जबकि अभिकरण अवस्थापना में नाली खड़ंजा व पेयजल जैसी सुविधाओं पर 23 करोड़ 10 लाख 64 हजार रुपये खर्च होगा। फिलहाल विभाग कुल 80 करोड़ रुपये खर्च करेगा।
जिले के हमीरपुर-571, कुरारा-229, गोहांड-343 व सरीला के 301 लोगों ने आवेदन किया है।
सहायक परियोजना अधिकारी, डूडा पवन शर्मा ने बताया कि इस योजना में चार स्थानीय निकायों के 1444 लाभार्थियों के आवेदन सूडा को भेजे हैं।
मौदहा, राठ और सुमेरपुर की निकायों ने देर से आवेदन सूची दी है। इन आवेदनों की सूची की छंटनी की जा रही है। इन कस्बों का भी प्रोजेक्ट तैयार कर भेजा जाएगा।