हमीरपुर। करीब साढ़े चार वर्ष पूर्व मझगवां थानाक्षेत्र के झिन्नावीरा गांव में खेत जा रहे दो भाइयों की हत्या के उद्देश्य से गोली मारकर घायल करने के मामले की सुनवाई शुक्रवार को हुई। तृतीय अपर सत्र न्यायाधीश विजय पाल ने दोषी दो सगे भाइयों को दस वर्ष की सजा सुनाते हुए छह-छह हजार रुपये जुर्माना सुनाया।
शासकीय अधिवक्ता राकेश सिंह यादव ने बताया कि मझगवां थानाक्षेत्र के झिन्नावीरा गांव निवासी बृजनंदन अपने भाई मान सिंह के साथ 21 अप्रैल 2014 को तड़के साढ़े पांच बजे खेत देखने जा रहा था। तभी पुरानी रंजिश के चलते गांव के बाहर पहले घात लगाकर रामकिशोर व रामहेत पुत्रगण जगदीश पटैरिया व आशा, रामू, दिनेश असलहा लेकर बैठ गए। बताया कि बृजनंदन व मानसिंह के आते देख गाली गलौज करते हुए रामकिशोर ने बृजनंदन के पेट गोली मार दी। वहीं रामहेत ने मानसिंह के सीने में गोली मार दी, जिससे दोनों भाई लहुलुहान होकर गिर पड़े। आरोपी दोनों को मरा समझकर भाग गए। तभी घायल बृजनंदन ने फोन से घटना की जानकारी परिजनों को दी। मौके पर पहुंचे परिजनों ने घायलों को झांसी में इलाज के लिए भर्ती कराया। घायलों के भाई चंद्रशेखर ने घटना के बाद थाना मझगवां में रामकिशोर व रामहेत पुत्रगण जगदीश पटैरिया व आशा, रामू, दिनेश के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई। दौरान मुकदमा विवेचक ने रामू व दिनेश को घटना में न पाए जाने पर चार्ज सीट अदालत में नहीं दी। इस मामले की सुनवाई के बाद शुक्रवार को तृतीय अपर सत्र न्यायाधीश विजय पाल ने दोषी भाइयों रामकिशोर व रामहेत को दस वर्ष की सजा सुनाते हुए छह-छह हजार रुपये जुर्माना सुनाया। अदालत ने तीसरे आरोपी आशा को साक्ष्य के अभाव में दोषमुक्त कर दिया।
हत्या के प्रयास में दो भाइयों को दस वर्ष की कैद
-खेत देखने जा रहे दो भाइयों के साथ दिया था घटना को अंजाम