अमर उजाला ब्यूरो
हमीरपुर। जिला प्रभारी श्रम एवं सेवायोजन राज्यमंत्री मनोहरलाल कोरी ने स्थानीय रोडवेज डिपो का औचक निरीक्षण किया। गंदगी देख नाराजगी जाहिर कर एआरएम को कड़ी फटकार लगाई। वहीं निरीक्षण के दौरान नौ कर्मियों के अनुपस्थित होने पर उन्होंने परिवहन मंत्री को पत्र लिख कार्यवाही कराने को कहा।
बुधवार दोपहर जिला प्रभारी मंत्री का काफिला मुख्यालय के बस स्टैंड से गुजरा। जहां बीच रोड में बस के खराब हो जाने पर जाम लगने से मंत्री ने स्थानीय रोडवेज डिपो का निरीक्षण शुरू कर दिया। निरीक्षण में डिपो में जगह जगह गंदगी का अंबार देखकर मंत्री ने नाराजगी जताते हुए एआरएम को कड़ी फटकार लगाई। साथ ही परिसर में लगे डीजल पंप में पहुंच निकलने वाले डीजल की मात्रा को नपवाया। वहीं उपस्थित रजिस्टर चेक करने पर रोडवेज डिपो में कार्यरत 21 कर्मियों में सात व एआरएम कार्यालय के दो कर्मचारी अनुपस्थित मिले। इस पर प्रभारी मंत्री ने रजिस्टर में अनुपस्थित दर्ज कर परिवहन मंत्री को पत्र लिख कार्यवाही कराने की बात कही। साथ ही डिपो के बाहर निकले नाले में पटिया टूटे होने पर ठीक न कराए जाने का कारण पूछा। जिस पर एआरएम कोई जवाब नहीं दे सके। मंत्री ने मेंटीनेंस के नाम पर आने वाले बजट से पटिया की मरम्मत कराने के निर्देश दिए।
प्रभारी मंत्री के निरीक्षण के दौरान रोडवेज कर्मचारी गयासुद्दीन, तृप्ति गुप्ता, सईद खां,राजनारायण, एचएन दुबे, ओपी गुप्ता व तारिक हुसैन अनुपस्थित मिले। उपस्थित रजिस्टर में राजनारायन की उपस्थित में सीएल दर्ज किया गया था। जबकि उसका प्रार्थना पत्र मौके पर नही था। इसी तरह एआरएम कार्यालय में उपस्थित रजिस्टर में कर्मी घनश्याम व नवल किशोर के सामने हरे रेग की स्याही से गोला लगा अनुपस्थित दिखाया। डिपों में तैनात कर्मचारी गयासुद्दीन ने बताया कि वह 22 जून को डिपो मेेें होने वाले कार्यक्रम के लिए बैनर बनवाने में व्यस्त था।
जिले के प्रभारी मंत्री व श्रममंत्री मनोहर लाल पंथ ने दोपहर बाद फैक्ट्री एरिया में संचालित रिमझिम इस्पात लिमिटेड में छापा मारकर श्रमिको से बात कर समस्याएं जानी। वहीं फैक्ट्री प्रबंधन ने मंत्री को मौके में किसी तरह की जानकारी नहीं दी। बाद में एक फोन आने पर मंत्री फैक्ट्री से बाहर चले गए।
जिले के प्रभारी मंत्री बुधवार को रिमझिम इस्पात लिमिटेड में छापा मारकर प्रबंध तंत्र से श्रम नियमों को लागू करने की जानकारी चाही। तो प्रबंधतंत्र ने यह कहकर उन्हें टरका दिया। कि फैक्ट्री के जीएम बाहर गए हुए हैं। सभी अभिलेख उन्हीं के कक्ष में हैं। उनके आने के बाद ही वह रिकार्ड प्रस्तुत कर सकते हैं। इसी बीच प्रबंध तंत्र के इशारे पर कुछ फैक्ट्री कर्मियों ने प्रतिदिन का हाजिरी रजिस्ट्रर सहित अन्य जरूरी कागजात आग के हवाले कर दिया। जिसकी वीडियोग्राफी मंत्री के साथ आए पीआरओ व एसडीएम सदर ने खड़े होकर कराई।
इसी बीच मंत्री को बताया कि फैक्ट्री के अंदर अवैध ढंग से गैस प्लांट चलाया जा रहा है। जिसे देखने के लिए मंत्री प्रबंध तंत्र के साथ फैक्ट्री के अंदर गए। लेकिन फैक्ट्री के अन्य हिस्सों में उन्हें घुमाते रहे और उस जगह तक ले ही नहीं गए। इसी बीच एक फोन कॉल आने पर प्रभारी मंत्री फैक्ट्री से बाहर जाने को मजबूर हो गए और वह अपना निरीक्षण छोड़कर फैक्ट्री से चले गए। फैक्ट्री निरीक्षण के बारे में जब मीडिया कर्मियों ने सवाल किए। तो उन्होंने जवाब देने से मना कर दिया। निरीक्षण के दौरान एसडीएम सदर बीर बहादुर यादव, एसआई अनुपम यादव, भाजपा जिलाध्यक्ष संतबिलास शिवहरे, महामंत्री गणेश यादव, अल्पसंख्यक मोर्चा के मुनीर खान, केके त्रिवेदी, अर्जुन सिंह आदि लोग मौजूद रहे। प्रभारी मंत्री ने सिर्फ इतना कहा कि वह फैक्ट्री में श्रम नियमों की तहकीकात करने आए थे।
डिपो में गंदगी फैली मिलने पर फटकारा