भरुआसुमेरपुर। वित्तीय वर्ष 2014-15 में ग्राम पंचायत जलाला में मनरेगा के कार्यों में हुई गड़बड़ी की जांच के बाद जिलाधिकारी के आदेश पर 15 लाख से अधिक की धनराशि वसूली के लिए ग्राम प्रधान व तकनीकी सहायक के खिलाफ आरसी जारी की गई है। तकनीकी सहायक को पुलिस की मदद से अमीन ने हिरासत में ले लिया है।
ग्राम पंचायत जलाला में वित्तीय वर्ष 2014-15 में मनरेगा योजना से कराए गए कार्यों में गड़बड़ी की गई थी। ग्रामीणों की शिकायत पर जिलाधिकारी ने डीपीआरओ से मामले की जांच कराई। 20 सितंबर 2018 को जिला पंचायत राज अधिकारी ने जांच रिपोर्ट पेश की, जिसमें 1547867 रुपये का गबन पाया गया। गबन करने लिए तत्कालीन ग्राम प्रधान सुमन सिंह व तकनीकी सहायक रामबाबू को दोषी ठहराया गया है। जिला पंचायत राज अधिकारी की रिपोर्ट पर जिलाधिकारी अभिषेक प्रकाश ने पिछले 22 फरवरी को आरसी जारी कर दोनों से धनराशि वसूली के निर्देश दिए। मंगलवार को कस्बे के अमीन जगदीश प्रसाद ने तकनीकी सहायक रामबाबू को पकड़कर थाना पुलिस के सुपुर्द किया।
तकनीकी सहायक ने इस मामले में कहा कि उसे निर्दोष फंसाया जा रहा है। जिस समय यह कार्य पंचायत ने कराए थे, उस समय वह ग्राम पंचायत में तैनात ही नहीं था। कहा कि जिलाधिकारी को पत्र भेजकर न्याय की गुहार लगाएंगे। उधर वसूली के भय पूर्व प्रधान भूमिगत है। जिसकी तलाश राजस्व कर्मी करने में जुटे हुए हैं। तीन वर्ष बाद अचानक गबन का आरोप सामने आने पर गांव में चर्चाओं का बाजार गर्म है। वहीं शिकायतकर्ता इसे अपनी बड़ी जीत बता रहे हैं। वहीं मौजूदा प्रधान नयन सिंह कहना है कि उसका इस प्रकरण से कोई लेना-देना नहीं है।
गबन पर पूर्व प्रधान व तकनीकी सहायक के खिलाफ आरसी जारी
-जांच में मनरेगा योजना साढ़े पंद्रह लाख की गड़बड़ी का हुआ था खुलासा