हमीरपुर। अतरार गांव में चुनावी खुन्नस को लेकर करीब 12 वर्ष पूर्व किए गए जानलेवा हमले की सुनवाई मंगलवार को पूरी हुई। अपर सत्र न्यायालय तृतीय के विशेष न्यायाधीश विजय पाल ने तीन सगे भाइयों समेत चार हमलावरों को सात वर्ष की कैद व जुर्माने की सजा सुनाई है।
न्यायालय के शासकीय अधिवक्ता राकेश सिंह यादव ने बताया बिवांर थानाक्षेत्र के अतरार गांव निवासी लोकेंद्र तिवारी पुत्र रमाशंकर की मां ग्राम प्रधान का चुनाव लड़ रही थी। चुनाव के दौरान गांव के धर्मेंद्र सिंह पुत्र कल्लू से विवाद हो गया।
इस पर रमाशंकर ने किसी तरह मामले को शांत कराया। इसी रंजिश के कारण 25 जनवरी 2006 की दोपहर करीब साढ़े तीन बजे वादी लोकेंद्र तिवारी गांव के चिरउवा कोरी के निजी नलकूप पर अपना मोबाइल चार्ज कर रहा था।
तभी धर्मेंद्र सिंह हाथ में तमंचा लिए अपने भाई मुनइया सिंह व मानिक सिंह और टीटू सिंह पुत्र जगत के साथ धारदार हथियार लेकर वहां पहुंचे। यहां आरोपियों ने उसे ललकाराते हुए जानमाल की धमकी दी।
मौके पर मौजूद चिरउवा व कल्लू पुत्र सेवादास ने ट्यूबवेल पर हत्या नहीं करने को कहा। लेकिन इसी बीच धर्मेंद्र सिंह ने तमंचे से फायर कर दिया जो मिस हो गया। इसके बाद धर्मेंद्र ने तमंचे की बट से प्रहार कर लोकेंद्र तिवारी को घायल कर दिया।
इसके बाद हमलावर जानमाल की धमकी देते हुए भाग निकले। छीनाझपटी में लोकेंद्र तिवारी की जेब से पांच सौ रुपये व सोने की जंजीर निकल गई। मंगलवार को मुकदमे की सुनवाई पूरी होने पर न्यायाधीश ने सभी आरोपियों को सात वर्ष की कैद व प्रत्येक को 12-12 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।
अतरार गांव में चुनाव को लेकर 12 वर्ष पूर्व हुआ था जानलेवा हमला
अमर उजाला ब्यूरो