राठ। पंचायत में दलित युवक के न पहुंचने पर ग्रामीणों ने डिग्गी पिटवाकर उसे समाज से अलग कर दिया। इतना ही नहीं दलित से बातचीत या उसके घर जाने पर एक हजार रुपये का दंड लगाया है। पीड़ित दलित दंपति ने सीओ अभिषेक यादव से न्याय की गुहार लगाई है।
कोतवाली के बहपुर गांव निवासी हरनाथ और उसकी पत्नी देशरानी ने बताया उसका भाई हजारीलाल सिलाई का काम करता है। कुछ दिन पहले हजारीलाल उसके घर आकर सिलाई का काम करने लगा। जो उसकी पत्नी फू लारानी को बुरा लगा।
फूलारानी ने अपने पति हजारीलाल के खिलाफ थाने में शिकायत की। फूलारानी का लड़का बुंदेल गांव के कुछ अराजकतत्वों से मिल गया। विवाद के चलते हजारीलाल गांव छोड़कर कहीं चला गया।
इस पर शुक्रवार रात गांव के कुछ लोगों ने पति-पत्नी के विवाद को निपटाने के लिए पंचायत बुलाई। हरनाथ व उसकी पत्नी ने बताया कि डर के मारे वह रात में पंचायत में नहीं गए। शनिवार सुबह पंचायत के कुछ लोगों के कहने पर गांव का धाधू ने ढोलक लेकर मुनादी की।
देशरानी ने बताया धाधू ने मुनादी में उसे व उसके पति को समाज से अलग करने की बात कही है। देशरानी ने बताया उसने मुनादी करने वाले धाधू से पूछा तो उसने बताया गांव के रामसिंह और रामकुमार ने मुनादी के लिए कहा था।
पीड़ित ने मुनादी कराने की बात कह सीओ से लगाई न्याय की गुहार
अमर उजाला ब्यूरो