अमर उजाला ब्यूरो
हमीरपुर। नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी के आरोपी से लंबी पूछताछ के बाद स्थानीय पुलिस ने चार और आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। शुक्रवार को मुख्य आरोपी समेत पांच लोगों को पुलिस ने सीजेएम न्यायालय में पेश किया। न्यायालय ने सभी को जेल भेज दिया।
सोमवार को मुख्यालय के गौरादेवी मोहल्ला निवासी प्रदीप कुमार सोनकर ने नेवेली थर्मल पावर प्लांट लहुरीमऊ में सुपरवाइजर रामशरण निवासी पारा-रैपरा सुमेरपुर को सदर तहसील परिसर स्थित न्याय किशोर बोर्ड में 14 हजार रुपये के मानदेय पर कंप्यूटर आपरेटर की नौकरी का झांसा दिया और उससे 20 हजार रुपयों की ठगी कर ली। इसके बाद प्रदीप कुमार ने फर्जी नियुक्ति पत्र जारी कर रामशरण को नौकरी तक दे डाली थी। सोमवार को सदर तहसील जाकर उसे ज्वाइन कराने गया। इस पर सदर एसडीएम राहुल यादव ने प्रदीप कुमार को कोतवाली पुलिस के सुपुर्द कर दिया था। पांच दिनों की लंबी पूछताछ और दबिश के बाद कोतवाली पुलिस ने एक के बाद एक आरोपियों की गिरफ्तारी की।
कोतवाल शैलकुमार सिंह ने बताया कि प्रदीप कुमार सोनकर गैंग बनाकर लोगों को चतुर्थ श्रेणी की नौकरी दिलाने की बात कहकर फंसाता था, जो खुद अपने बुने जाल में फंस गया। बताया कि प्रदीप से की गई पूछताछ के बाद रोहन निषाद पुत्र राकेश कुमार, शाबू उर्फ वसीम पुत्र रफीक अहमद निवासी सुभाष बाजार, रमेश प्रसाद अवस्थी पुत्र स्व महेंद्रनाथ निवासी गौरादेवी व अनिल कुमार द्विवेदी पुत्र स्व. प्रेमनारायण निवासी मांझखोर को गिरफ्तार किया है। बताया कि सभी आरोपियों के खिलाफ कूटरचित दस्तावेज तैयार करना व धोखाधड़ी कर नौकरी देने की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। बताया कि शुक्रवार की दोपहर सभी आरोपियों को सीजेएम न्यायालय में पेश किया गया। न्यायालय ने सभी आरोपियों को जेल भेज दिया। कोतवाल ने बताया कि अभी इस गैंग के कुछ और लोगों के नाम प्रकाश में आए हैं जिनकी गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है।
-नौकरी दिलाने के नाम पर की थी ठगी